उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है।
विकास भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में उपनिदेशक कृषि प्रेम ठाकुर भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें सबसे प्रमुख मुद्दा छुट्टा पशुओं और चकबंदी से जुड़ी परेशानियां रहीं।
किसानों ने बताया कि छुट्टा पशु उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल अभियान चलाकर इन पशुओं को गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही चकबंदी विभाग से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस बैठक में कुल नौ किसानों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। प्रशासन ने सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पिछली किसान दिवस बैठक में उठाए गए 15 मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने गेहूं खरीद को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इसके अलावा अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ने भी किसानों को विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी, जिससे वे इनका लाभ उठा सकें।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि अब किसान दिवस के दौरान बिजली विभाग और वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगले माह से हर किसान दिवस पर सुबह 10 बजे से ही इन विभागों के समाधान शिविर लगाए जाएं।
इन शिविरों के माध्यम से किसानों की बिजली और वन विभाग से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। इससे किसानों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का तेजी से समाधान हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों से जुड़ी समस्याओं को हल्के में न लिया जाए और हर शिकायत का समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को राहत देना और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी मौके पर ही उपलब्ध रहेंगे, तो उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और किसानों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करेगी। साथ ही इससे सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा।
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