Download App Now Register Now

पत्नी पर अवैध संबंध का आरोप, ‘गायब’ बच्चे को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा पति; अदालत ने 50 हजार जुर्माने के साथ याचिका की खारिज

राजस्थान: के अलवर निवासी एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी और कथित तौर पर जन्मे बच्चे को लेकर दायर याचिका को Rajasthan High Court ने सख्त टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया। अदालत ने न सिर्फ याचिका को प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये की लागत (कोस्ट) भी लगाई।

मामले की सुनवाई जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिका में ऐसा कोई ठोस तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि बच्चा अवैध हिरासत में है।


पति का आरोप: अवैध संबंध और ‘गायब’ बच्चा

याचिकाकर्ता पति ने अदालत में दावा किया कि उसकी पत्नी का अपने जीजा के साथ अवैध संबंध है। उसने आरोप लगाया कि पत्नी ने अपनी पहचान छिपाकर अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया और बाद में उसे अवैध हिरासत में रख लिया।

पति ने यह भी कहा कि बच्चे की जान को खतरा है, इसलिए गृह सचिव, एडीजी ह्यूमन ट्रैफिकिंग, एसपी अलवर और संबंधित थाना अधिकारी को सुरक्षा के निर्देश दिए जाएं।


कोर्ट का सवाल: जब खुद मान रहे हैं कि बच्चा आपका नहीं

सुनवाई के दौरान अदालत ने एक अहम बिंदु उठाया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता स्वयं स्वीकार कर रहा है कि वह बच्चे का जैविक पिता नहीं है। यदि बच्चा अपनी मां और उसके जैविक पिता के साथ है, तो इसे अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता।

अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे तथ्यों के आधार पर हैबियस कॉर्पस याचिका दायर करना न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।


पहले भी खारिज हो चुका था परिवाद

कोर्ट के आदेश में उल्लेख किया गया कि याचिकाकर्ता ने इससे पहले अलवर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 की अदालत में परिवाद दायर किया था। वहां भी उसने बच्चे की बरामदगी की मांग की थी।

उस परिवाद में पति ने कहा था कि उसकी पत्नी मई 2024 से अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही है। उसने अवैध संबंध और बच्चे के जन्म का आरोप लगाया था।

हालांकि, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसका आवेदन खारिज कर दिया था।


पुलिस जांच रिपोर्ट में विरोधाभास

मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने दो जांच रिपोर्ट पेश कीं। पहली रिपोर्ट में कहा गया कि महिला ने किसी बच्चे को जन्म देने से इनकार किया है।

हालांकि, पड़ोसियों के बयान में बच्चे के जन्म की बात सामने आई। इसके बाद अदालत ने पुलिस को साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा।

दूसरी रिपोर्ट में पुलिस ने माना कि महिला ने दूसरे नाम से अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। लेकिन महिला का कहना है कि उसने किसी बच्चे को जन्म नहीं दिया।

इसी विरोधाभास को आधार बनाकर पति के वकील ने हाईकोर्ट में दलील दी कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि बच्चा किसी अवैध हिरासत में है या उसकी जान को खतरा है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि बच्चा अपनी मां और जैविक पिता के साथ है, तो इसे गैरकानूनी हिरासत नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं अदालत के समय और संसाधनों का दुरुपयोग करती हैं, इसलिए इसे लागत के साथ खारिज किया जाता है।


सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी

याचिकाकर्ता के वकील प्रकाश ठाकुरिया ने कहा कि हाईकोर्ट ने उनके तथ्यों को ठीक से नहीं समझा। उनका कहना है कि अस्पताल रिकॉर्ड में जन्म दर्ज है, लेकिन बच्चा कहां है यह स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने संकेत दिया कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।


निष्कर्ष:

यह मामला पारिवारिक विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी प्रक्रिया के जटिल पहलुओं को सामने लाता है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आरोपों के आधार पर हैबियस कॉर्पस याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।

यदि बच्चा अपनी मां और जैविक पिता के साथ है, तो उसे अवैध हिरासत नहीं कहा जा सकता। अदालत का यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के खिलाफ एक सख्त संदेश भी देता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
CM भजनलाल शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे, बाबा श्याम के करेंगे दर्शन; ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी हुए शामिल | राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: पंच-सरपंच चुनाव में 83.05% मतदान, बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति रही अव्वल | जयपुर में ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान, 13 जोन की 617 दीवारों पर हुई वॉल पेंटिंग; लोककला से सजेगा शहर | जयपुर में पानी का संकट गहराने की आशंका, मांग और सप्लाई में 169.11 एमएलडी का अंतर; 55.45 करोड़ का समर प्लान तैयार | बीकानेर बनेगा निशानेबाजी का नया हब! सादुल क्लब में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज की तैयारी, ओलंपिक स्तर की 17 मशीनें लगेंगी | हनुमानगढ़ में भीषण सड़क हादसा: स्लीपर कोच बस और टेंपो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौके पर मौत | कोटा में सरपंच-पंच चुनाव: 162 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी, 1128 प्रत्याशी मैदान में; 80 साल की सूरजा बाई व्हीलचेयर पर पहुंचीं | जोधपुर की 6 पंचायत समितियों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, 101 साल की दाखू कंवर ने भी डाला वोट | जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, देर रात तक आएंगे नतीजे | सीकर में ईदगाह चौराहे से जैन भवन तक वन-वे व्यवस्था लागू, गलत दिशा में जाने पर पंचर होगा टायर |