राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी आधार बायोमेट्रिक सुरक्षा प्रणाली और डिजिटल अकाउंट्स को निशाना बना रहे हैं। अपराधी पहले डेटा लीक, फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग से आधार नंबर, फोटो और मोबाइल जानकारी हासिल करते हैं। इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या UCL किट का उपयोग कर मोबाइल नंबर बदलने की कोशिश की जाती है, जिससे OTP अपराधियों तक पहुँच जाते हैं और बैंकिंग, डिजिलॉकर और अन्य डिजिटल सेवाओं पर कब्जा किया जा सकता है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है।
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