राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हाल ही में हाईकोर्ट से नई डेडलाइन मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी ग्राम पंचायत और शहरी निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक संपन्न कराए जाएं। इससे पहले चुनाव कराने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने समय बढ़ाने की अर्जी लगाई थी।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और जब भी राज्य निर्वाचन आयोग उचित समय समझे, सरकार सहायता के लिए उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर पंचायत राज, पंचायत समिति पुनर्गठन, नई पंचायत का निर्माण, वार्डों का पुनर्गठन और नगर निकायों के सीमा विस्तार सहित सभी आवश्यक तैयारियां तीन माह पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन नहीं किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे गठन कर सही आंकड़े जुटाने का काम किया। उन्होंने बताया कि ओबीसी आयोग ने जिलों से आंकड़े एकत्रित किए और मौके पर जाकर जानकारी जुटाई। आंकड़ों में विरोधाभास पाए जाने के कारण दोबारा से सही आंकड़े जुटाए गए।
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि अभी भी प्रशासन से ओबीसी वर्ग की सटीक जनसंख्या आंकड़े आने में लगभग डेढ़ महीने का समय लग सकता है। आंकड़े मिलने के बाद 7-10 दिन का समय जांच और सत्यापन में लगेगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग विधिक राय लेकर अंतिम निर्णय करेगा।
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव तय समय से लगभग डेढ़ महीने से अधिक विलंब से हो रहे हैं। नई डेडलाइन और यूडीएच मंत्री के बयानों के बाद अब उम्मीद है कि चुनाव जल्दी संपन्न हो सकेंगे। इस चुनाव में राज्य के ग्रामीण और शहरी प्रशासन की कार्यप्रणाली, जनता की भागीदारी और राजनीतिक गतिविधियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
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