राजसमंद। जिले में नशे के खिलाफ चल रही अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन त्रिनेत्र, ने ड्रग्स माफिया की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के पूरे इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की रणनीति बन चुका है। उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में 15 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष अभियान ने राजसमंद में सक्रिय ड्रग्स माफिया की नींद उड़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब सिर्फ तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम चेहरों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को ताकत दे रहे थे। इसमें वाहन उपलब्ध कराने वाले, फर्जी नंबर प्लेट तैयार करने वाले, आर्थिक मददगार, हथियार सप्लायर या आश्रयदाता शामिल हैं। पुलिस की जांच की जद में अब पूरा नेटवर्क आ गया है।
राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने दावा किया है कि माफिया के बारे में सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत राजसमंद में अब नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से जिले में नशे की समस्या को नियंत्रित करने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए एक मजबूत संदेश दिया जा रहा है।
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