कंपनियों ने रिफाइनरी और टर्मिनल से परिवहन के लिए रिफाइनरी ट्रांसफर प्राइस, राउंड ट्रिप डिस्टेंस और फ्री डिलिवरी जोन जैसे फार्मूले लागू किए हैं। पेट्रोल-डीजल पर पहले से ही बेस प्राइस के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, स्टेट वैट और रोड सेस जैसे टैक्स वसूले जा रहे हैं। इन फार्मूलों के अनुसार सीमावर्ती जिलों में परिवहन लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल 2 रुपए तक महंगा पड़ रहा है।
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