सवाई माधोपुर। राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क में एक बाघ के परिक्रमा मार्ग पर आ जाने के कारण धार्मिक परिक्रमा करीब डेढ़ घंटे तक रोकनी पड़ी। श्रद्धालुओं का एक समूह निर्धारित परिक्रमा मार्ग से गुजर रहा था, तभी अचानक जंगल से बाघ निकल आया।
इस दृश्य को देखकर श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया और सुरक्षा कारणों से सभी को वहीं रोक दिया गया। वन विभाग की टीम ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रुकने के निर्देश दिए। बाघ कुछ देर तक मार्ग पर ही टहलता रहा, जिसके कारण पूरा रास्ता “नो-एंट्री ज़ोन” बन गया।
श्रद्धालु और पर्यटक अपने स्थान पर खड़े रहे और दूर से इस दुर्लभ दृश्य को देखा। कई लोगों ने इसे मोबाइल कैमरे में कैद किया, और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वन विभाग और सुरक्षा कर्मियों ने किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाघ का खुले मार्ग पर आना उसके प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है। करीब डेढ़ घंटे बाद बाघ जंगल की ओर वापस चला गया और परिक्रमा मार्ग फिर से खोला गया। इस दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रणथंभौर क्षेत्र में बाघों की संख्या अच्छी खासी है और यह उनका प्राकृतिक आवास है। कभी-कभी वे मानव गतिविधियों वाले मार्गों के करीब आ जाते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वन क्षेत्र में यात्रा करते समय पूरी सतर्कता बरतें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
इस घटना ने यह साबित किया कि जंगल और मानव के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। जहां यह दृश्य रोमांचक और दुर्लभ था, वहीं यह चेतावनी भी देता है कि वन्य क्षेत्रों में लापरवाही खतरनाक हो सकती है। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, कुछ इसे “प्रकृति का अद्भुत दृश्य” बता रहे हैं तो कुछ “डर और रोमांच का मिश्रण” करार दे रहे हैं।
वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग फिलहाल सामान्य कर दिया गया है।
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