जैसलमेर। जिले के कूड़ा डंपिंग यार्ड में 300 से ज्यादा मृत गायों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शनिवार को कुछ गौ प्रेमी इलाके में पहुंचे और जमीन पर बिखरी लाशें देखकर स्तब्ध रह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच शुरू की।
जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की, जबकि नगर परिषद आयुक्त लाजपावल सिंह सोढा ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अधिकारियों का कहना है कि खुले में पड़े शवों से वातावरण प्रदूषित हो रहा था और यह गंभीर पर्यावरणीय खतरा पैदा कर सकता था।
ठेकेदार ने जेसीबी मशीनों की मदद से शवों को हटाने और उनका निस्तारण करने का काम शुरू किया। नगर परिषद ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मृत पशुओं, खाल और हड्डियों को उठाने का ठेका गोपराम पुत्र दूदाराम (सुवाला गांव, बालासर पोस्ट, शिव तहसील, बाड़मेर) को दिया गया था। लेकिन ठेकेदार ने निर्धारित स्थान के बजाय खुले क्षेत्र में मृत पशुओं को फेंक दिया, जिससे प्रदूषण फैल रहा था।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी लापरवाही होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ठेका रद्द किया जा सकता है और सुरक्षा राशि जब्त की जा सकती है। इस घटना ने गौ संरक्षण के दावों पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने गौशालाओं में बेहतर व्यवस्था, चारा, पानी और इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।
गौ प्रेमी हुकम दान ने घटना पर गहरी पीड़ा जताई और कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मृत गायों को सड़ते हुए देखना शर्मनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला दृश्य है। उन्होंने कहा कि यह घटना जमीन पर गौ संरक्षण और पशु प्रबंधन की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
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