Great Indian Travel Bazaar (GITB): के 15वें संस्करण की शुरुआत सोमवार को Jaipur Exhibition & Convention Centre (JECC) सीतापुरा में हुई, जहां देश-विदेश से टूरिज्म इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ी जुटे। इस आयोजन में पर्यटन के भविष्य, विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और सबसे अहम—टूरिस्ट सुरक्षा पर गंभीर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में दिया कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं, जबकि पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि “टूरिस्ट सुरक्षा में एक भी चूक देश की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचा सकती है।”
भुवनेश कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल युग में किसी भी नकारात्मक घटना की खबर तेजी से पूरी दुनिया में फैलती है। ऐसे में अगर किसी विदेशी पर्यटक के साथ एक भी खराब घटना होती है, तो उस देश के लोग भारत आने से हिचकिचाने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि टूरिस्ट सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की ब्रांड इमेज से जुड़ा हुआ है। इसलिए सुरक्षा के साथ-साथ व्यवहार और सेवा गुणवत्ता में सुधार बेहद जरूरी है।
GITB 2026 में 50 से ज्यादा देशों के 185 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स हिस्सा ले रहे हैं। दो दिन के इस आयोजन में 10 हजार से अधिक B2B मीटिंग्स आयोजित की जा रही हैं। इसमें भारत सरकार, राज्य पर्यटन बोर्ड, होटल, रिसॉर्ट और ट्रैवल कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सेवाओं को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत के टूरिज्म सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देते हैं और नए निवेश व व्यापार के अवसर पैदा करते हैं।
दिया कुमारी ने कहा कि अब टूरिज्म का ट्रेंड बदल रहा है। पर्यटक सिर्फ घूमने नहीं आते, बल्कि वे स्थानीय संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली का अनुभव करना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में अब “एक्सपीरियंस बेस्ड टूरिज्म” को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें वाइल्डलाइफ, वेलनेस, स्पिरिचुअल और हेरिटेज टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
हाल के कुछ मामलों को देखते हुए महिला पर्यटकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। दिया कुमारी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और टूरिज्म पुलिस को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान आने वाला हर पर्यटक खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करे।
भुवनेश कुमार ने एक अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई बार पर्यटक एयरपोर्ट या स्टेशन से बाहर निकलते ही टैक्सी ड्राइवर, होटल एजेंट और गाइड्स से घिर जाते हैं। इससे उनका पहला अनुभव ही खराब हो जाता है।
उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना काफी नहीं है, बल्कि सेवा देने वालों के व्यवहार में भी सुधार जरूरी है। इसके लिए गाइड्स, टैक्सी ऑपरेटर्स और होटल स्टाफ को बेहतर ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से जुड़ी है, लेकिन इसे केवल स्लोगन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। अगर यह भावना व्यवहार में नजर आएगी, तभी देश की छवि मजबूत होगी और पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा।
भुवनेश कुमार ने बताया कि देश की करीब 10 प्रतिशत अर्थव्यवस्था टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी हुई है। लाखों लोगों को रोजगार इसी क्षेत्र से मिलता है। ऐसे में टूरिस्ट सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करना आर्थिक रूप से भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। पिछले साल 5 हजार “पर्यटक मित्रों” को ट्रेनिंग दी गई थी, जबकि इस साल 10 हजार गाइड्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों से पूरे सेक्टर की छवि खराब हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक और प्रशिक्षित किया जाए, ताकि भारत आने वाले पर्यटकों को सकारात्मक अनुभव मिले।
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