पश्चिम एशिया: में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान से जुड़ी एक और समुद्री घटना ने चिंता बढ़ा दी है। ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले एक रासायनिक टैंकर पर फायरिंग की घटना सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 17 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सरकार के अनुसार, यह घटना 25 अप्रैल को उस समय हुई जब टोगो-ध्वज वाला टैंकर ‘एमटी सिरोन’ ओमान के आउटर पोर्ट क्षेत्र से गुजर रहा था। ईरानी तटरक्षक बल द्वारा की गई यह फायरिंग चेतावनी के तौर पर थी और इसका उद्देश्य जहाज को रोकना था, न कि नुकसान पहुंचाना।
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहा था। उसी दौरान ईरानी बलों ने गोलीबारी की। इस घटना के बाद जहाज की निगरानी बढ़ा दी गई और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकारी अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा ने जानकारी दी कि डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम अब तक हजारों कॉल्स का जवाब दे चुका है और सभी नाविक सुरक्षित हैं। इससे भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से वैश्विक व्यापार के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र रहा है। हाल के दिनों में यहां हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।
22 अप्रैल को इसी क्षेत्र में एक जहाज को निशाना बनाया गया था, जो भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। इससे पहले 18 अप्रैल को भी दो भारतीय जहाजों पर कार्रवाई की खबर सामने आई थी। इन घटनाओं के पीछे ईरान का दावा था कि जहाज बिना अनुमति के काम कर रहे थे, जबकि भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया।
भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्क रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय मिलकर हालात पर नजर रख रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 2,770 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जबकि अन्य के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी देशों के साथ संपर्क बनाए रखा है, ताकि भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने किसानों के लिए भी बड़ी राहत की खबर दी है। बयान के अनुसार देश में फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सरकार ने साफ किया कि खाद की कोई कमी नहीं होगी और कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़े स्तर पर निकासी अभियान भी चलाया है। ईरान से जमीनी रास्ते के जरिए 2,461 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है।
वहीं, BRICS देशों के बीच इस संकट को लेकर मतभेद भी देखने को मिले हैं। हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में फिलिस्तीन और यरूशलम मुद्दे पर कोई संयुक्त बयान नहीं आ सका।
ओमान तट पर हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में बढ़ते खतरे की ओर इशारा किया है। हालांकि भारत सरकार की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से बड़ा संकट टल गया। साथ ही, LPG और खाद की पर्याप्त उपलब्धता ने आम जनता और किसानों दोनों को राहत दी है। आने वाले समय में समुद्री सुरक्षा और कूटनीति दोनों ही भारत के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
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