गुजरात: में स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। आज सुबह 8 बजे से पूरे राज्य में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इस चुनाव में 25 हजार से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।
मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। राज्यभर में कुल 382 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां 838 हॉल में काउंटिंग का काम चल रहा है। इस विशाल प्रक्रिया को संभालने के लिए करीब 28,240 कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो 6,991 टेबल्स पर वोटों की गिनती कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, सुबह 8 बजे बैलेट पेपर से डाले गए वोटों की गिनती शुरू हुई। इसके बाद सुबह 9 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों की गिनती शुरू कर दी गई।
मतगणना केंद्रों पर उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में हर चरण की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

मतगणना के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्यभर में करीब 33,750 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इसके अलावा 10,000 से अधिक सहायक कर्मचारियों को भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया गया है।
अहमदाबाद के प्रमुख मतगणना केंद्रों—LD इंजीनियरिंग कॉलेज और गुजरात कॉलेज—में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां सुबह से ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। दोनों ही पार्टियों ने शहरी और ग्रामीण निकायों में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि आगामी बड़े चुनावों की दिशा भी तय करेगा। इसलिए दोनों दलों के लिए यह बेहद अहम माना जा रहा है।
26 अप्रैल 2026 को हुई वोटिंग में राज्य के 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ था।
भीषण गर्मी के बावजूद मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान में हिस्सा लिया। अब सभी की नजरें आज आने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं।
मतगणना के चलते कई शहरों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। खासकर हिम्मतनगर और अहमदाबाद में यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से मतगणना केंद्रों के आसपास भीड़ न करें और नियमों का पालन करें।
इस चुनाव के नतीजे कई नए चेहरों को राजनीति में स्थापित कर सकते हैं, जबकि कई पुराने नेताओं के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई साबित हो सकता है।
राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सुबह से ही मतगणना केंद्रों के बाहर जुटे हुए हैं और हर राउंड के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे रुझान सामने आएंगे, राज्य की सियासी तस्वीर साफ होती जाएगी।
गुजरात निकाय चुनाव 2026 की मतगणना राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। आज के नतीजे यह तय करेंगे कि स्थानीय स्तर पर किस पार्टी का वर्चस्व कायम रहेगा और आने वाले चुनावों में किसकी रणनीति मजबूत होगी।
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