जयपुर: नगर निगम एक बार फिर शहर को नई पहचान देने की तैयारी में जुट गया है। राजधानी जयपुर, जिसे ‘गुलाबी नगरी’ के नाम से जाना जाता है, अब एक अनोखे अभियान के जरिए और भी रंगीन और आकर्षक बनने जा रहा है। 2 मई को नगर निगम की ओर से ‘रंग दे गुलाबी’ अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत एक ही दिन में 500 दीवारों को रंगने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
यह पहल सिर्फ एक सौंदर्यीकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहरवासियों की भागीदारी से जुड़ा एक बड़ा सामाजिक अभियान भी है। नगर निगम का उद्देश्य है कि लोग खुद अपने शहर को सुंदर बनाने में योगदान दें और एक सकारात्मक संदेश समाज में फैलाएं।
नगर निगम के अनुसार, देश में यह पहली बार होगा जब एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में दीवारों को रंगने की कोशिश की जाएगी। इस अभियान को रिकॉर्ड स्तर पर सफल बनाने के लिए निगम ने विस्तृत तैयारी की है।
कमिश्नर ओम कसेरा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इससे पहले ‘सफाई सेवा मैराथन’ के जरिए शहर में स्वच्छता को लेकर मजबूत आधार तैयार किया गया था। अब अगला कदम शहर को और सुंदर और आकर्षक बनाने का है।
इस अभियान के तहत दीवारों पर सिर्फ रंग ही नहीं चढ़ेगा, बल्कि उन्हें कलात्मक रूप भी दिया जाएगा। जयपुर की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पारंपरिक डिज़ाइन और आधुनिक कला का मिश्रण इन दीवारों पर देखने को मिलेगा।
नगर निगम का कहना है कि हर क्षेत्र की दीवारों को उसकी स्थानीय पहचान के अनुसार सजाया जाएगा, ताकि शहर का हर कोना अपनी अलग कहानी बयां करे।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। स्कूल-कॉलेज के छात्र, एनजीओ, निजी संस्थाएं, कॉर्पोरेट समूह और आम लोग स्वेच्छा से इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
निगम का मानना है कि जब लोग खुद अपने शहर को सजाने में शामिल होंगे, तो उनमें जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना भी बढ़ेगी। इससे स्वच्छता और सौंदर्यीकरण का संदेश ज्यादा प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचेगा।
नगर निगम ने इच्छुक लोगों और संस्थाओं के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। पेंटिंग सेवाएं देने वाले कलाकार या समूह इन नंबरों के जरिए अभियान से जुड़ सकते हैं।
यह पहल खासतौर पर युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जहां वे अपनी क्रिएटिविटी दिखा सकते हैं और शहर के विकास में योगदान दे सकते हैं।
‘रंग दे गुलाबी’ अभियान का उद्देश्य सिर्फ दीवारों को रंगना नहीं, बल्कि शहर की सोच को बदलना भी है। जब सार्वजनिक स्थान सुंदर और स्वच्छ होते हैं, तो लोग भी उन्हें साफ रखने के लिए प्रेरित होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान शहरों में सकारात्मक माहौल बनाते हैं और पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। जयपुर जैसे ऐतिहासिक शहर के लिए यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
जयपुर पहले से ही अपनी गुलाबी वास्तुकला और विरासत के लिए प्रसिद्ध है। अब यह अभियान उस पहचान को और मजबूत करेगा।
अगर यह अभियान सफल होता है, तो यह देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जहां लोग प्रशासन के साथ मिलकर अपने शहर को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.