उत्तर प्रदेश: में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया। हरदोई जिले के हरपालपुर से गंगा स्नान के लिए निकले श्रद्धालुओं की प्राइवेट बस शाहजहांपुर जिले के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र में गांव रघुनाथपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में करीब 60 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। हादसे में 25 लोग घायल हो गए, जिनमें से 11 को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, बस चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। कई यात्रियों ने उसे सावधानी से बस चलाने की सलाह भी दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। हादसा उस वक्त हुआ जब चालक ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में हरदोई जिले के कई गांवों के लोग शामिल हैं। लोहिया अस्पताल में भर्ती मरीजों में राधिका (45), नन्हीं देवी (60), विश्व प्रताप सिंह (31), उमाकांती (55), गुड्डी (55), रामदेवी (65), अनुष्का (8), रामलड़ैते (47), जदुवीर सिंह (60), रंजीत सिंह और राजू (30) शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय और सीओ अभय वर्मा ने घायलों का हाल जाना और इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस हादसे के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। घायल महिला उमाकांती के बेटे राहुल ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान उनकी मां के कुंडल और छह हजार रुपये गिर गए थे। जब उन्हें बस से बाहर निकाला जा रहा था, तब एक सिपाही ने उन सामानों को उठा लिया। बाद में जब उन्होंने पैसे और कुंडल वापस मांगे, तो सिपाही ने इनकार कर दिया। इस आरोप ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही की गंभीर समस्या को उजागर करता है। खासकर त्योहारों के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं, तब ड्राइवरों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। तेज रफ्तार और लापरवाही का यह नतीजा कई परिवारों के लिए दर्दनाक साबित हुआ।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। हादसे के पीछे की सटीक वजहों का पता लगाया जा रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा जैसे पवित्र अवसर पर हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। यह घटना साफ संकेत देती है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। प्रशासन और यात्रियों दोनों को सतर्क रहना होगा, तभी ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
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