राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। पिछले करीब 70 दिनों से अस्पताल में भर्ती किडनी फेलियर से जूझ रहीं पांच प्रसूताओं ने जिला प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे डायलिसिस करवाना बंद कर देंगी।
रागिनी, धन्नी बाई, आरती, सुशीला और पिंकी के परिजनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि 4 से 8 मई 2026 के बीच प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती होने के बाद इलाज के दौरान उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हो गईं और अब वे लगातार डायलिसिस पर निर्भर हैं। परिजनों का कहना है कि इलाज का भारी खर्च उठाना मुश्किल हो गया है और कई परिवार आर्थिक संकट में आ चुके हैं।
प्रसूताओं ने सरकार से किडनी ट्रांसप्लांट की तत्काल व्यवस्था, आर्थिक मुआवजा, इलाज और ट्रांसप्लांट का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने, मेडिकल टीम की जवाबदेही तय करने तथा ट्रांसप्लांट के बाद आजीवन इलाज की गारंटी की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि मरीजों का इलाज निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.