राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने आरएमसी के कर्मचारी फरहान हसन उर्फ फरहान नकवी को गिरफ्तार किया। फरहान 2023-24 में रजिस्ट्रेशन सेक्शन में कनिष्ठ सहायक और वेरिफिकेशन ऑफिसर के पद पर तैनात था। उसका काम विदेश से आए डॉक्टरों के दस्तावेजों का सत्यापन करना था। आरोप है कि उसने वित्तीय लाभ के लिए दलालों के साथ मिलीभगत कर फर्जी FMG सर्टिफिकेट को असली बताकर रजिस्ट्रार को रिपोर्ट दी।
जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड भानाराम माली था, जो एफएमजी स्क्रीनिंग पास न कर पाने वाले डॉक्टरों को प्रति व्यक्ति 20–30 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट देता था। फरहान हसन को हर केस पर 2–5 लाख रुपये कमीशन मिलता था। अब तक 17 फर्जी डॉक्टर, तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और अन्य अधिकारी जेल जा चुके हैं। फरहान से पूछताछ जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
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