प्राथमिक अध्यापक संघ लेवल प्रथम का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक अपने गृह जिले से दूर अन्य जिलों में पदस्थापित हैं। ऐसे में दीपावली के अवसर पर अपने घर पहुंचने वाले शिक्षकों के सामने निर्वाचन ड्यूटी को लेकर व्यावहारिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
संघ ने कहा कि दीपावली के दौरान शिक्षकों पर पारिवारिक जिम्मेदारियां भी रहती हैं। ऐसे में एक ओर परिवार के साथ त्योहार मनाने की जिम्मेदारी और दूसरी ओर चुनाव ड्यूटी निभाने के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
संघ ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की है कि चुनाव कार्यक्रम तय करते समय मतदाताओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जाए। संगठन का कहना है कि मतदान की तारीख में बदलाव होने से शिक्षकों के साथ-साथ आम मतदाताओं को भी सुविधा मिल सकती है और चुनाव में अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्राथमिक अध्यापक संघ लेवल प्रथम ने पत्र के माध्यम से निर्वाचन आयोग से 4 और 6 नवंबर की निर्धारित मतदान तिथियों पर पुनर्विचार कर शिक्षक हित में उपयुक्त नई तारीख तय करने का आग्रह किया है।
संघ का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें शिक्षकों की निर्वाचन ड्यूटी भी अहम भूमिका निभाती है। इसलिए चुनाव की तारीख ऐसी होनी चाहिए, जिससे निर्वाचन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होने के साथ शिक्षकों और मतदाताओं को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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