सबसे ज्यादा चर्चा अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुलाकात और उनकी आपसी ‘केमिस्ट्री’ की रही। कांग्रेस वॉर रूम में गहलोत ने पायलट को मीडिया के सामने बयान देने का इशारा किया। पायलट ने भी बयान पूरा करने के बाद गहलोत को बयान देने के लिए आमंत्रित किया। दोनों नेताओं के बीच इस सहज संवाद को कांग्रेस में एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा गया।
इससे पहले गहलोत और पायलट के बीच गर्मजोशी से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान गहलोत ने मजाकिया अंदाज में पायलट से कहा कि पहले सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रभारी थे, अब आप रंधावा के इंचार्ज बन गए हैं। इस पर पायलट ने जवाब दिया कि हम सबके इंचार्ज तो आप ही हैं। गहलोत ने भी कहा कि हम तो आपके ‘परमानेंट इंचार्ज’ हैं।
वहीं, एयरपोर्ट से कांग्रेस नेताओं का एक साथ निकलना भी चर्चा का विषय रहा। पायलट ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि रंधावा उनके साथ बैठे और पीछे डोटासरा व टीकाराम जूली नजर आए। चारों नेताओं की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई।
हाल के दिनों में डोटासरा और गहलोत के बीच दूरी की चर्चाएं भी सामने आई थीं, लेकिन डोटासरा और जूली का गहलोत के आवास पहुंचना और करीब एक घंटे मुलाकात करना भी बदलते सियासी माहौल का संकेत माना जा रहा है। इसके बाद तीनों नेताओं ने एक कार्यक्रम में मंच साझा किया और साथ डिनर भी किया।
निकाय चुनाव में कांग्रेस को नेताओं की आपसी दूरियों का नुकसान होने की चर्चाओं के बीच अब पार्टी की सार्वजनिक तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। हालांकि पुराने मतभेद पूरी तरह खत्म हुए हैं या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल कांग्रेस ने सार्वजनिक मंच पर एकजुटता, संवाद और समन्वय का संदेश जरूर दिया है।
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