निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल होने वाले नेता और समर्थक दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर जुटेंगे। मार्च के जरिए विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेगा।
मार्च से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि संबंधित मुद्दे अदालत में विचाराधीन हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने का विकल्प भी दिया। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने मार्च के जरिए अपनी मांगों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
INDIA ब्लॉक के नेता चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मांगें उठा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर रोक लगाने की मांग।
चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल हैं। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली के मध्यवर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।
दिल्ली मेट्रो की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों—जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक—के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, इन स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कई प्रमुख मार्गों पर संभावित डायवर्जन और यातायात प्रतिबंधों को लेकर अलर्ट जारी किया है। नई दिल्ली और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
विपक्षी नेताओं ने 9 अक्टूबर को संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं रखी थीं।
इससे पहले भी विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च से पहले राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी नजर रहेगी। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर आगे की रणनीति स्पष्ट किए जाने की संभावना है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में विपक्ष की मांगों, सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित है। मार्च के दौरान क्या ज्ञापन सौंपा जा सकेगा और आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी, यह आगे के घटनाक्रम से स्पष्ट होगा।
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