जानकारी के अनुसार, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोटड़ी तालाब में नाव पलट गई। इस हादसे में चार लोग पानी में डूबकर लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन देर रात तक उनका पता नहीं चल सका। इसके बाद अंधेरा होने के कारण अभियान रोक दिया गया और सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई।
इस हादसे के बाद तालाबों और जलाशयों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और बचाव के इंतजाम किए गए थे?
मिली जानकारी के अनुसार, विसर्जन प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान के बजाय कथित तौर पर अनधिकृत घाट पर किया जा रहा था। विसर्जन के लिए इस्तेमाल की जा रही असुरक्षित और कच्ची नावों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कोटड़ी तालाब में हुए इस हादसे ने प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
फिलहाल, बचाव दल का ध्यान पानी में लापता चारों लोगों को तलाशने पर है। हादसे के दूसरे दिन भी परिजनों की चिंता बनी हुई है और सभी की नजरें तलाशी अभियान के नतीजों पर टिकी हैं।
नोट: लापता लोगों की पहचान, नाव में सवार कुल व्यक्तियों की संख्या, हादसे का सटीक समय और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। प्रकाशित करने से पहले इन विवरणों की पुष्टि कर लें।
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