चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैनाती के लिए तैयार रखा गया है।
मौसम विभाग ने 26 से 29 अक्टूबर के दौरान बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा यानम के तटों के आसपास मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा गया है।
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। स्कूल बंद होने और अन्य स्थानीय प्रतिबंधों की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं से जांचें।
महत्वपूर्ण: चक्रवात की दिशा, तीव्रता और संभावित प्रभाव में बदलाव हो सकता है। ताजा चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक जानकारी देखें।
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