तूफान के चलते विजयवाड़ा, गुंटूर, प्रकाशम और बापटला समेत कई इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण हजारों पेड़ उखड़ गए और सैकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह जलभराव के कारण सड़कें डूब गईं और हाईवे पर वाहन फंस गए। समुद्र में ऊंची लहरें उठने से नावों को भी नुकसान पहुंचा है।
चक्रवात के असर से आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से 19 और चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द की गई हैं। वहीं, विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर आवाजाही रोक दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चार ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में एहतियातन स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं। प्रकाशम जिले में प्रभावित परिवारों को जिला परिषद स्कूल में बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में NDRF, ODRAF और फायर सर्विस की 300 से अधिक बचाव टीमें तैनात हैं। रायगढ़ा जिले के सभी 11 फायर स्टेशन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
तूफान से निपटने के लिए पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें 13 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं। नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष टीमें भेजी गई हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात कर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी तूफान का असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
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