देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को साइबर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ (PMO) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में डॉ. मिश्रा ने कहा कि साइबर अपराध आज देश के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डीपफेक और डिजिटल ठगी जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यों को तेजी से कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को तुरंत राहत मिले और आर्थिक नुकसान को न्यूनतम करने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल कानून लागू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम जनता को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया, ताकि साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत और दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित की जा सके।
बैठक में राजस्थान की ओर से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत, संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल और एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) विजय कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्थान में समन्वित कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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