मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित होने वाला ‘रिफॉर्म उत्सव’ जनभागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इसके तहत नागरिकों के अनुभव और सुझाव लेकर ऐसी प्रक्रियाओं में बदलाव किया जाएगा, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि ‘जन मंथन, विमर्श और जन समाधान’ के माध्यम से सुझावों को व्यावहारिक सुधारों में बदला जाएगा। राज्य की कार्ययोजना 10 सितंबर तक तैयार की जाएगी, जबकि 11 सितंबर से जन-जागरूकता अभियान शुरू होगा। वहीं 2 अक्टूबर को प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में ‘जन मंथन सभा’ आयोजित की जाएगी।
योजना विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। साथ ही युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और सरकारी सेवाओं के लिए सिंगल फॉर्म विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने लंबित केंद्रीय स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने, उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर भेजने और केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यांश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।
हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत 9 से 17 अगस्त तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। 9 अगस्त को 12,609 प्रभात फेरियों में 11.20 लाख से अधिक और 10 अगस्त को 12,917 तिरंगा रैलियों में 9.84 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस तरह दो दिनों में ही 21 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज हुई। वहीं पोर्टल पर 40 हजार से अधिक सेल्फी भी अपलोड की जा चुकी हैं।
मिशन हरियालो राजस्थान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2026-27 में 10.81 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले 10 अगस्त तक करीब 4.85 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने कम प्रगति वाले जिलों और विभागों को तेजी लाने के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण और सत्यापन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में राजस्थान सम्पर्क 181 के जरिए दर्ज जन-अभियोगों की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि आमजन को वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण राहत मिलनी चाहिए।
1 फरवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 24.64 लाख से अधिक जन-अभियोग दर्ज हुए, जबकि बैकलॉग सहित 25.04 लाख से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान नागरिक संतुष्टि का स्तर 63.16 प्रतिशत से बढ़कर 67.29 प्रतिशत हो गया, जबकि शिकायतों के औसत निस्तारण का समय 15 दिन से घटकर 13 दिन रह गया। नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों में संतुष्टि 74.75 प्रतिशत रही।
मुख्य सचिव ने बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों की लगातार मॉनिटरिंग करने और समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को बैठक में लिए गए निर्णयों की समयबद्ध क्रियान्विति और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि सुशासन का लाभ सीधे आमजन तक पहुंच सके।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.