पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में पदस्थापित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि आयुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उन्हें फील्ड में जाकर किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, कपास उत्पादकता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की जिलेवार वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही सभी जिलों में उर्वरक आपूर्ति, प्रबंधन एवं वितरण तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की भी समीक्षा की गई।
कृषि आयुक्त ने कहा कि खरीफ फसल के लिए यूरिया और डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने उर्वरकों की टैगिंग करने वाले विक्रेताओं और विनिर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और मिलावट पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा। कृषि आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अनियमितताओं में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एस.एस. शेखावत, वित्तीय सलाहकार डॉ. होशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) देवेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलों से अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) खंड एवं संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
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