राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए संचालित राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के साथ-साथ ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन तथा ट्रेनिंग एवं स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश करने वाले पात्र उद्यमों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन और परिलाभ उपलब्ध कराए जाते हैं।
योजना के तहत राज्य स्तर पर 25 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले पात्र उद्यमों को राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति के माध्यम से विभिन्न प्रोत्साहन स्वीकृत किए जाते हैं। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 6 से अधिक उद्यमों को पात्रता के अनुसार एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, थ्रस्ट बूस्टर/ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट और ग्रीन इंसेंटिव सहित विभिन्न लाभ स्वीकृत किए गए।
इन प्रोत्साहनों से राज्य में औद्योगिक निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि नए निवेश से न केवल औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ नए उद्यमियों को राजस्थान में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य ने बताया कि योजना के तहत पात्र उद्यमों को अनुदान और अन्य लाभों की स्वीकृति के लिए सरल, पारदर्शी और समयबद्ध डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिला स्तर और राज्य स्तर पर नियमित रूप से जिला स्तरीय स्वीकृति समिति (DLAC) और राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
विभाग का लक्ष्य है कि योजना के तहत पात्र सभी उद्यमों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जल्द से जल्द प्रोत्साहन और अन्य लाभ स्वीकृत किए जाएं। सरकार के अनुसार, इससे राजस्थान में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार करने और राज्य को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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