प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को AI की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के साथ विभागीय कार्यों, योजना निर्माण, निगरानी, निर्णय प्रक्रिया और किसान सेवाओं में इसके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं को समझाना रहा।
कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने कहा कि राजस्थान कृषि विभाग AI को केवल प्रशिक्षण या प्रयोग तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे कृषि प्रशासन और सेवा वितरण की व्यापक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘CEO, AI in Agriculture’ जैसी संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र में AI से जुड़े नवाचारों, परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों को एक समन्वित दिशा देने में मदद मिलेगी।
इससे कृषि क्षेत्र में AI आधारित समाधानों के विकास, परीक्षण, उपयोग और विस्तार के लिए एक मजबूत Institutional Framework तैयार किया जा सकेगा।
राजस्थान में RAJAIIMS के माध्यम से भी Artificial Intelligence, Machine Learning और Data Analytics आधारित समाधानों को कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में Innovative Technology Solutions को प्रोत्साहित करना और विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों तथा कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
AI के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उपलब्ध बड़े डेटा का विश्लेषण कर फसल, मौसम, कीट एवं रोग, कृषि उत्पादन और किसान सेवाओं से जुड़े बेहतर पूर्वानुमान तथा निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जा सकती है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने वाले Raj Kisan Portal को भी भविष्य में AI आधारित तकनीकों से और अधिक सक्षम बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
AI और Data Analytics की मदद से किसानों को उनकी जरूरत और प्रोफाइल के अनुरूप योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके साथ ही applications और service delivery की निगरानी तथा संभावित समस्याओं की पहचान में भी तकनीक मददगार साबित हो सकती है।
इससे One-to-One Farmer Service Delivery की दिशा में आगे बढ़ने और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समयबद्ध एवं लक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
AI आधारित कृषि प्रशासन से निर्णय प्रक्रिया को अधिक डेटा आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। योजनाओं के क्रियान्वयन की Real-Time Monitoring, लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच का विश्लेषण, संभावित अनियमितताओं की पहचान और संसाधनों के बेहतर उपयोग में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसके अलावा AI आधारित Analytical Tools के जरिए अधिकारी बड़े datasets का तेजी से विश्लेषण कर Evidence-Based Decision Making कर सकेंगे। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ किसानों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कृषि विभाग का लक्ष्य AI के इस्तेमाल को केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित रखना नहीं है। इस पूरी Technology-Driven Transformation के केंद्र में किसान को रखा जा रहा है।
AI आधारित समाधानों के जरिए किसानों को फसल एवं मौसम संबंधी सलाह, कीट एवं रोगों की पहचान, कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक तेज और लक्षित तरीके से उपलब्ध कराने की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
कृषि अधिकारियों को AI का प्रशिक्षण, AI in Agriculture के लिए Institutional Framework विकसित करने की प्रक्रिया, RAJAIIMS और Raj Kisan Portal जैसे Digital Platforms को AI एवं Data-Driven Technologies से जोड़ने के प्रयास राजस्थान में कृषि प्रशासन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
इन पहलों से राजस्थान में Technology + Data + AI + Good Governance का प्रभावी Ecosystem विकसित होने की उम्मीद है। इससे न केवल विभागीय कार्यों की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को अधिक स्मार्ट, त्वरित और जरूरत-आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
राजस्थान का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के उपयोग से कृषि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, कुशल और किसान-केंद्रित बनाना है। साथ ही राज्य को AI-enabled Agriculture के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.