शंख-मंजीरों की गूंज और ‘सीता राम, सीता राम’ भजन के बीच राजनाथ सिंह ने माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचकर धर्म ध्वजा फहराई। परकोटा के मंदिरों में यह पहली बार हुआ। पूरी रामनगरी भक्ति भाव में डूबी नजर आई।
दोनों नेताओं ने अंगद टीला पहुंचकर जनसभा को भी संबोधित किया।
योगी ने कहा कि अयोध्या, जिसे आमतौर पर शांतिपूर्ण माना जाता है, पर कुछ लोगों ने इसे संघर्ष और उपद्रव का अड्डा बनाने की कोशिश की। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में आतंकियों ने अयोध्या में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन PAC के जवानों ने ठक-ठक-ठक कर उन्हें मार गिराया।
योगी ने कहा, "प्रभु की कृपा और बजरंगबली की रक्षा के कारण यहां कोई बिगाड़ नहीं कर सकता।"
ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान भारत ने राम की मर्यादा का पालन किया।
राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था।
आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने के लिए सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की गई।
डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अयोध्या अभूतपूर्व विकास की दिशा में बढ़ रही है।
राजनाथ ने राम की मर्यादा और नीति पर जोर दिया और कहा कि राम का जीवन कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की कथा है।
राम मंदिर के परकोटे में 7 मंदिर हैं:
भगवान शिव
गणेश
हनुमान
सूर्य देव
देवी भगवती (दुर्गा)
अन्नपूर्णा माता
अन्नपूर्णा मंदिर उत्तर दिशा में स्थित है और अन्न, पोषण व समृद्धि की देवी मानी जाती हैं।
अंगद टीला के बारे में कहा जाता है कि त्रेता युग में राम अयोध्या लौटे और उनके साथ हनुमान व अंगद आए। रामकोट की सुरक्षा का दायित्व अंगद को दिया गया।
योगी और राजनाथ ने इस अवसर पर राम की मर्यादा, धर्म और नीति पर प्रकाश डाला। राजनाथ ने कहा कि राम हमारी चेतना में इस तरह रचे-बसे हैं कि उनका जीवन निर्णय, संयम और संघर्ष में आदर्श बनाता है।
रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती और धर्म ध्वजा फहराने के कार्यक्रम सम्पन्न हुए। योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह ने आतंकी हमले की याद दिलाई और राम की मर्यादा, नीति और संस्कृति का संदेश देते हुए अयोध्या के विकास और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
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