उत्तर प्रदेश: सरकार आज विधानसभा में UP Budget 2026-27 पेश करने जा रही है। इस बार का बजट चुनावी वर्ष से पहले का आखिरी पूर्ण बजट है और इसे ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। बजट का मुख्य फोकस क्षेत्रीय विकास, निवेश, रोजगार और प्रदेशवासियों के कल्याण पर रहेगा।
बजट राशि लगभग 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें सबसे अधिक धनराशि बुनियादी विकास, कल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की जाएगी। बजट का लगभग एक चौथाई हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में लगाया जाएगा।
विशेष रूप से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के पिछड़े जिलों को मुख्य फोकस बनाया गया है। इन क्षेत्रों के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की विकास निधि आवंटित करने की संभावना है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 700 करोड़ रुपये अधिक है। इससे 37 पिछड़े जिलों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
बजट प्रस्तुति से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव रखेगा और हर वर्ग को साधने का प्रयास करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट "सबका साथ, सबका विकास" के एजेंडे को स्पष्ट रूप से दर्शाएगा और सरकार की डबल इंजन ताकत को चुनाव से पहले उजागर करेगा।
निष्कर्ष:
UP Budget 2026-27 ऐतिहासिक होने जा रहा है। पिछड़े जिलों के विकास, रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह बजट प्रदेशवासियों के कल्याण और समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
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