महवा। ग्रामीण क्षेत्रों तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायालय महवा की ओर से बुधवार को विधिक जागरूकता मोबाइल वैन को रवाना किया गया। यह वैन अगले तीन दिनों तक विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं और सरकारी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देगी।
अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष गोसिन्हा ने वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कई लोग जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में यह अभियान उन्हें जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मोबाइल वैन बुधवार से शुक्रवार तक महवा मुख्यालय सहित रसीदपुर, धौलखेड़ा, गढ़हिम्मतसिंह, बालाहेड़ी, बड़ागांव, सलेमपुर, पावटा और मंडावर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी। हर गांव में शिविर आयोजित कर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया और संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
वैन के माध्यम से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नवीन योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, श्रमिक कल्याण और कमजोर वर्गों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
अभियान के दौरान शिविरों में मौजूद विधिक विशेषज्ञ पात्र व्यक्तियों को यह भी समझाएंगे कि वे किस प्रकार निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग, वरिष्ठ नागरिक और अन्य पात्र श्रेणियों के लोगों को विशेष रूप से लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा।
समिति का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग कानूनी प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ रहते हैं, जिसके कारण वे न्याय पाने में पीछे रह जाते हैं। मोबाइल वैन के जरिए सीधे गांवों में पहुंचकर उन्हें सरल भाषा में जानकारी देना इस अभियान की खास विशेषता है।
कार्यक्रम के दौरान बार संघ अध्यक्ष घनश्याम अवरथी, भगवत सिंह गुर्जर, सत्यनारायण शर्मा, भंवरसिंह गुर्जर, महेन्द्र शर्मा, विकम गुर्जर, मबीन सैयद, धर्मसिंह राजपूत, महेश सिंह, समय सिंह, विष्णु कुशवाह, नरेन्द्र तिवाड़ी और जगदीश शर्मा सहित अन्य अधिवक्तागण एवं न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को ग्रामीण समाज के लिए उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से शिविरों में भाग लेने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि विधिक साक्षरता से ही समाज में न्याय की भावना मजबूत होती है। यदि लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी उपायों की सही जानकारी हो, तो वे किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।
यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम है। मोबाइल वैन के जरिए ग्रामीणों को यह संदेश दिया जा रहा है कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का अधिकार है।
समिति ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति कानूनी सहायता से वंचित न रहे।
महवा में शुरू हुआ यह विधिक जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय और अधिकारों की समझ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मोबाइल वैन के माध्यम से तीन दिनों तक गांव-गांव पहुंचकर निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस पहल से उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने में संकोच नहीं करेंगे।
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