हरियाणा: के कैथल में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब राज्य के वरिष्ठ मंत्री Anil Vij और कैथल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपासना सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। मामला एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के निलंबन से जुड़ा था, जिसे लेकर दोनों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर मतभेद सामने आए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्रालयों के प्रभारी विज ने जमीन से जुड़े एक विवाद में एएसआई को जांच लंबित रहने तक निलंबित करने का निर्देश दिया। इस पर एसपी उपासना सिंह ने स्पष्ट कहा कि संबंधित एएसआई पड़ोसी जिले करनाल का है, इसलिए उसे निलंबित करने का अधिकार उनके पास नहीं है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री ने कहा, “मेरा आदेश पूरे हरियाणा में चलता है,” जिस पर बैठक में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। इस पर एसपी ने संयमित स्वर में जवाब दिया कि वे डीजीपी को पत्र लिख सकती हैं, लेकिन सीधे निलंबन का आदेश उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख कैथल की उपायुक्त अपराजिता ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने की कोशिश की। मंत्री ने दोहराया कि एसपी डीजीपी को पत्र लिखें और निलंबन लागू करवाएं।
जांच के अनुसार, सहायक सब-इंस्पेक्टर संदीप पर आरोप है कि उन्होंने जमीन बेचने के नाम पर एक खरीदार से करीब 7 लाख रुपये अग्रिम लिए थे। दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने पर सौदा रद्द हुआ, लेकिन पैसे लौटाने से इनकार कर दिया गया। इस संबंध में तितराम थाने में मामला दर्ज हुआ।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एएसआई ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को करनाल के आर्थिक प्रकोष्ठ में ट्रांसफर कराया और देरी करवाई। इसी पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।
उपासना सिंह 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नांगल मूंदी गांव की रहने वाली उपासना ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में 596वीं रैंक हासिल की थी, जबकि ओबीसी वर्ग में उनकी 95वीं रैंक थी।
वह एक आईआईटी ग्रेजुएट हैं और शैक्षणिक जीवन में हमेशा टॉपर रहीं। मैट्रिक परीक्षा में उन्होंने पूरे हरियाणा में पहला स्थान प्राप्त किया था। दसवीं तक की पढ़ाई उन्होंने अपने गांव के भारतीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की।
आईपीएस बनने से पहले वह गुरुग्राम में सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत थीं। उनके पिता शिक्षक हैं, बड़ी बहन एमडी रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं, जबकि छोटा भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
यह घटना केवल एक प्रशासनिक मतभेद नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक सीमाओं के बीच संतुलन का उदाहरण भी मानी जा रही है। मंत्री और पुलिस प्रशासन के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर सार्वजनिक मंच पर हुई बहस ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज कर दी है।
कैथल की बैठक में हुआ यह टकराव हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। जहां मंत्री Anil Vij ने सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं आईपीएस उपासना सिंह ने नियम और अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए संयमित रुख अपनाया।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि डीजीपी स्तर पर क्या फैसला होता है और एएसआई के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आईपीएस उपासना सिंह की प्रोफाइल को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
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