प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर मेरठ में मेट्रो और रैपिड रेल सेवा का भव्य उद्घाटन किया। उन्होंने शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री स्वयं स्कूली बच्चों और डॉक्टरों के साथ मेट्रो में सवार हुए और मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रा की।
इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनकी पेंटिंग्स देखीं और विकास परियोजनाओं को लेकर उनका उत्साह बढ़ाया।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के तहत रैपिड रेल सेवा से अब दिल्ली से मेरठ की 82.15 किमी दूरी महज 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर दिल्ली के सराय काले खां तक जाएगी। पूरे रूट में 13 स्टेशन बनाए गए हैं।
इनमें से दो स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जबकि बाकी कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक पर संचालित होगा। आधुनिक तकनीक और उच्च गति के कारण यह परियोजना उत्तर भारत के सबसे बड़े परिवहन सुधारों में से एक मानी जा रही है।
20 फरवरी को NCRTC ने बेगमपुल से सराय काले खां के बीच रैपिड रेल का ट्रायल रन किया था। ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चली और मेरठ साउथ से सराय काले खां की दूरी 48 मिनट में पूरी की। वापसी में यह सफर मात्र 39 मिनट में पूरा हुआ।
यह स्पीड और समय देश के क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के लिए एक नया मानक स्थापित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मेट्रो यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों और डॉक्टरों से बातचीत की। बच्चों ने उन्हें अपनी पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स दिखाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था युवा पीढ़ी के सपनों को पंख देती है और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करती है।
यह संवाद सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि यह संदेश देने का प्रयास था कि विकास की परियोजनाएं आम लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं।
मेरठ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग ₹12,930 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, परिवहन, शहरी विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
मोहिउद्दीनपुर में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अब विकास की नई रफ्तार पकड़ रहे हैं। उन्होंने इसे “क्रांतिधरा मेरठ के लिए ऐतिहासिक दिन” बताया।
प्रधानमंत्री के मेरठ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री का आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मोहिउद्दीनपुर में 36 एकड़ क्षेत्र में तीन विशाल पंडाल बनाए गए थे, जहां लगभग 1 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा कार्यक्रम में पहुंचे और प्रधानमंत्री का स्वागत “धन्यवाद” के नारों से किया।
कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं को रोकने को लेकर हल्का विरोध भी देखने को मिला, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई। पहली लेयर में SPG कमांडो तैनात रहे। काफिले में बुलेटप्रूफ कारें, आर्मर्ड वाहन, एंबुलेंस और जैमर शामिल थे। करीब 8000 जवानों को पूरे कार्यक्रम की सुरक्षा में लगाया गया।
पूरे इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया था और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई।
मेरठ में रैपिड रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही मेट्रो भी संचालित होगी। शहर के 23 किमी कॉरिडोर पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो चलेगी। 13 स्टेशनों में से 4 स्टेशन – मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम – ऐसे होंगे जहां नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों ट्रेनें उपलब्ध होंगी।
मेरठ मेट्रो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें फुली एसी कोच, कुशन सीटें, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म, ऑटोमेटिक डोर और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा है। एक ट्रेन में 3 कोच होंगे, जिनमें 173 सीटों सहित 700 से अधिक यात्री सफर कर सकते हैं।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित हैं। अंदर डिजिटल डिस्प्ले, फायर अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम की सुविधा भी दी गई है।
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना NCR क्षेत्र में आवागमन की परिभाषा बदल देगी। रोजाना हजारों यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
मेरठ मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन उत्तर प्रदेश और NCR क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम है। 82 किमी का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में तय होना परिवहन क्रांति का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बच्चों और डॉक्टरों के साथ सफर करना इस परियोजना को जन-भागीदारी से जोड़ने का प्रयास भी था।
₹12,930 करोड़ की परियोजनाओं के साथ मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई रफ्तार शुरू हो चुकी है। आधुनिक, तेज और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
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