जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित जयपुर मिलिट्री स्टेशन के सप्त शक्ति ऑडिटोरियम में शुक्रवार शाम सप्त शक्ति कमान अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर भारतीय सेना के अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों को वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में कुल 06 सेना मेडल (वीरता), 01 सेना मेडल (विशिष्ट सेवा), 01 युद्ध सेवा मेडल और 02 विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किए गए। इसके अलावा 17 यूनिटों को यूनिट प्रशस्ति पत्र, 04 वेटरन अचीवर्स और 03 सिविल प्रशासन के अधिकारियों को भी सम्मान मिला। यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
सम्मान समारोह के बाद अपने संबोधन में सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि “आज के समय में आतंकवाद देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।”
उन्होंने बताया कि आतंकवाद के तरीके अब पहले जैसे नहीं रहे। अब आतंकवादी संगठन ड्रोन वार, सोशल मीडिया नेटवर्क और साइबर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि देश में असुरक्षा और अस्थिरता फैलाई जा सके।
हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सेना हर नई चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के पास अत्याधुनिक तकनीक और ऐसे उपकरण हैं, “जो रात को दिन में बदलने की क्षमता रखते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में सेना और ज्यादा आधुनिक तकनीक से लैस होगी, लेकिन—
“हमारे सैनिकों का मनोबल, प्रशिक्षण और देशभक्ति किसी भी आधुनिक तकनीक से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है।”
उन्होंने बताया कि चाहे ऊंचे बर्फीले पहाड़ हों या दुर्गम सीमावर्ती चौकियां, भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं।
आर्मी कमांडर ने जानकारी दी कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए सेना साइबर डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिसिस पर तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि 2023 से भारतीय सेना ने ‘परिवर्तन का दशक’ शुरू किया है, जिसके तहत ढांचे, प्रशिक्षण और उपकरणों में बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं।
अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि—
“अगर किसी ने भारत की तरफ बुरी नजर डाली, तो उसे करारा और मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।”
उन्होंने उरी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ जवाबी कार्रवाइयां नहीं थीं, बल्कि भारत की नई डिफेंस पॉलिसी का स्पष्ट संदेश थीं।
जयपुर में आयोजित सप्त शक्ति कमान अलंकरण समारोह न केवल सम्मान का अवसर था, बल्कि देश की सुरक्षा को लेकर भारतीय सेना की मजबूत तैयारी और बदलती रणनीति का भी स्पष्ट संदेश देता है।
आर्मी कमांडर के शब्दों में, तकनीक अहम है, लेकिन भारतीय सैनिकों का अदम्य साहस, अनुशासन और देशभक्ति ही सेना की सबसे बड़ी ताकत है, जो हर खतरे के सामने चट्टान की तरह खड़ी है।
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