जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मंगलवार को एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में विपक्ष और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया। भाजपा मुख्यालय में जनसुनवाई स्थगित होने के बावजूद किरोड़ी वहां पहुंचे और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने के लिए लॉन में ही कुर्सी लगाकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने महेंद्रजीत सिंह मालवीय के भाजपा छोड़ने और पीसीसी चीफ डोटासरा के आरोपों पर तीखे पलटवार किए।
"पद के भूखे हैं मालवीय, विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं" महेंद्रजीत सिंह मालवीय के फिर से पाला बदलने के सवाल पर किरोड़ीलाल मीणा ने उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "मालवीय राजनीति में केवल पद और सत्ता के भूखे हैं। अगर उनके मन में जनसेवा का भाव होता, तो वे दल नहीं बदलते। भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, यहाँ पद इतनी जल्दी नहीं मिलता। अगर मालवीय रोज इसी तरह कूदा-फांदी करेंगे, तो राजनीति से उनका नाम ही मिट जाएगा।" उन्होंने साफ किया कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है, व्यक्ति आधारित नहीं। मालवीय के जाने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
अमित शाह की 'बंद कमरा' मंत्रणा पर डोटासरा को जवाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा अमित शाह के दौरे पर किए गए तंज (कि शाह मंत्रियों को प्रताड़ित कर गए) पर किरोड़ी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "महत्वपूर्ण बातें बंद कमरे में ही होती हैं। डोटासरा चाहते हैं कि सारी रणनीतियां सार्वजनिक कर दी जाएं, जो संभव नहीं है। अमित शाह जयपुर में युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर गए हैं, कांग्रेस के किसी केंद्रीय मंत्री ने कभी ऐसा किया है क्या?"
VB-RAM-G योजना: कांग्रेस के 'भ्रष्टाचार मॉडल' पर चोट मनरेगा के स्थान पर आई नई योजना पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य का मैनेजमेंट एक कुशल गृहिणी की रसोई जैसा है, जहां कभी बजट की कमी नहीं होगी।
125 दिन का काम: नई योजना में मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
किसानों को राहत: फसल कटाई के समय 60 दिन का ब्रेक मिलेगा, जिससे मजदूरों और किसानों दोनों का हित होगा।
कांग्रेस का भ्रष्टाचार: किरोड़ी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मंडरायल की एक पंचायत में कांग्रेस राज में 28 करोड़ के काम स्वीकृत हुए, लेकिन 26 करोड़ रुपये डकार लिए गए। कांग्रेस को केवल अपना घर भरने वाली राजनीति पसंद है।
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के बयानों ने साफ कर दिया है कि भाजपा 'आया राम-गया राम' की राजनीति करने वाले नेताओं को भाव देने के मूड में नहीं है। वहीं, नई रोजगार योजना के बहाने उन्होंने कांग्रेस के पुराने भ्रष्टाचार को उजागर कर आगामी राजनीतिक लड़ाई की दिशा तय कर दी है। भाजपा कार्यालय के लॉन में उनकी जनसुनवाई ने यह भी संदेश दिया कि वे प्रोटोकॉल से ज्यादा जनता से जुड़ाव को प्राथमिकता देते हैं।
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