बुधवार को जोधपुर पहुंचे सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान सरकार में सत्ता के कई केंद्र बन चुके हैं। आए दिन चर्चा रहती है कि सरकार में बदलाव कब होगा और मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कब किया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब-जब दिल्ली से कोई इशारा होता है, तब-तब राजस्थान में कार्रवाई होती है। राज्य की सरकार को जनता ने चुना है, फिर बार-बार दिल्ली की ओर देखने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
मीडिया से बातचीत के बाद सचिन पायलट सड़क मार्ग से बाड़मेर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल खड़े किए।
बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए जा रहे बदलाव को लेकर पायलट ने कहा कि कुछ जिलों की सीमाओं में जो परिवर्तन किए जा रहे हैं, वे प्रशासनिक जरूरत से अधिक राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से किए जा रहे प्रतीत होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमाओं में तोड़फोड़ बिना जनता की राय लिए की जा रही है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले की सीमाओं में किसी भी तरह का बदलाव जनता की सहमति और जरूरत के आधार पर होना चाहिए।
रोजगार और आर्थिक असमानता के मुद्दे पर बोलते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लोगों को सौ दिन का रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में अमीर और ज्यादा अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब और ज्यादा गरीब होता जा रहा है। यह स्थिति गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है और इसके बजट में लगातार कटौती की जा रही है। पहले निर्णय गांव स्तर पर होते थे, लेकिन अब सभी फैसले राजधानी में लिए जा रहे हैं।
बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विपक्षी नेताओं को डराने, दबाने और बदनाम करने के लिए ईडी की कार्रवाई की जा रही है।
पायलट ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है, क्योंकि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईडी के मामलों में सजा की दर एक प्रतिशत से भी कम है, जो इस बात को साबित करता है कि एजेंसी का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
सचिन पायलट के बयान से राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। पंचायत और निकाय चुनाव, जिलों की सीमाओं में बदलाव, बेरोजगारी और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। आने वाले समय में इन मुद्दों पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।
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