उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंकिता जैन ने कड़ा रुख अपनाया है। सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में 6 अधिकारियों की बिना सूचना अनुपस्थिति पाए जाने पर सीडीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सीडीओ अंकिता जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जिसे प्रशासन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
समाधान दिवस से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों में शामिल हैं—
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत धानेपुर
सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण), विकासखंड इटियाथोक
खंड शिक्षा अधिकारी, रूपईडीह
सहायक विकास अधिकारी (सहकारी समितियां), विकासखंड झंझरी
इन सभी अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोका गया है और उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
“समाधान दिवस जैसे जनसुनवाई कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान सीडीओ ने सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जे को लेकर सामने आईं। सीडीओ ने मामलों की जांच कर अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए।
इधर, गोंडा जिले की तरबगंज तहसील में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी समाधान दिवस के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोंडा में समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की गैरहाजिरी पर की गई यह कार्रवाई प्रशासन की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। सीडीओ अंकिता जैन का यह कदम न सिर्फ अनुशासन सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य में जनसुनवाई कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने में भी मददगार साबित होगा।
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