राजस्थान: के दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम रेल कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। 23 लोको पायलट पदों के स्थानांतरण के विरोध में कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और रेलवे प्रशासन के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अजमेर-जम्मूतवी पूजा सुपरफास्ट ट्रेन के सामने खड़े होकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का आरोप है कि यह फैसला बांदीकुई की लोको लॉबी के साथ अन्याय है और इससे यहां के रेलवे ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
रेल कर्मचारियों ने मांग की कि जिन पदों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, उन्हें तुरंत वापस बांदीकुई में ही बहाल किया जाए।
रेल कर्मचारियों के अनुसार वर्ष 2025 के कैडर रिव्यू में बांदीकुई में कुल 24 लोको पायलट पदों की वृद्धि की गई थी। इससे कर्मचारियों और स्थानीय रेलवे व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद थी।
इन पदों में शामिल थे:
1 लोको पायलट (मेल)
5 लोको पायलट (सवारी गाड़ी)
7 लोको पायलट (मालगाड़ी)
9 वरिष्ठ सहायक लोको पायलट
2 सहायक लोको पायलट
कर्मचारियों का कहना है कि इन पदों के बढ़ने से बांदीकुई रेलवे स्टेशन और यहां की लोको लॉबी को मजबूत आधार मिलने वाला था।
रेल कर्मचारियों का आरोप है कि बाद में हुई पिन-पॉइंटिंग प्रक्रिया में इन 24 पदों में से 23 पद स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिए गए।
बताया गया कि:
1 लोको पायलट मेल
5 लोको पायलट सवारी गाड़ी
के पद बांदीकुई से जयपुर भेज दिए गए।
वहीं दूसरी ओर:
5 लोको पायलट मालगाड़ी
10 वरिष्ठ सहायक लोको पायलट
2 सहायक लोको पायलट
के पद न्यू फुलेरा स्थानांतरित कर दिए गए।
कर्मचारियों का कहना है कि इससे बांदीकुई की लोको लॉबी लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच सकती है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से बांदीकुई के रेलवे कर्मचारियों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले भी मेल ट्रेन से जुड़ी तीन पोस्ट बांदीकुई से जयपुर स्थानांतरित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा अब बांदीकुई-टूंडला बीट का संचालन भी यहां के स्टाफ से नहीं करवाया जा रहा है। इस काम के लिए अब एनसीआर (North Central Railway) के क्रू को लगाया जा रहा है।
रेल कर्मचारियों का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से इस बीट पर हमेशा बांदीकुई का स्टाफ ही ड्यूटी करता रहा है, लेकिन अब यह व्यवस्था भी बदल दी गई है।
संयुक्त मोर्चे के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार पदों का स्थानांतरण बांदीकुई रेलवे के अस्तित्व को खत्म करने की साजिश का हिस्सा है। उनका मानना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो भविष्य में यहां की रेलवे गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिन-पॉइंटिंग प्रक्रिया से पहले किसी भी ट्रेड यूनियन से सलाह नहीं ली गई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और असंतोष और अधिक बढ़ गया है।
प्रदर्शन के दौरान रेल कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरित किए गए पदों को वापस नहीं लाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संयुक्त मोर्चे के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और बांदीकुई के रेलवे हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.