नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को दिल्ली कैंटोनमेंट स्थित कैरियप्पा परेड ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (NCC) पीएम रैली में शिरकत की। यह रैली महीने भर चले एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के समापन का प्रतीक रही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जहां युवाओं को राष्ट्र निर्माण का मंत्र दिया, वहीं अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए की।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“यह एक दुखद हादसा है, जिसमें अजित दादा और उनके कुछ साथी अब हमारे बीच नहीं रहे। इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके परिवारों के साथ खड़ा है।”
उन्होंने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि
“अजित दादा ने महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास में अहम योगदान दिया। खासकर गांवों और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने लगातार काम किया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि NCC पीएम रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण है। इस वर्ष रैली की थीम ‘राष्ट्र प्रथम – कर्तव्यनिष्ठ युवा’ रखी गई थी, जो आज के भारत की सोच को दर्शाती है।
उन्होंने गर्व के साथ बताया कि
“कुछ ही वर्षों में NCC कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है। खासतौर पर सीमा और तटीय क्षेत्रों में कैडेट्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।”
प्रधानमंत्री ने NCC में महिलाओं की मजबूत भागीदारी की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि
“इस बार भी बड़ी संख्या में बेटियों ने NCC रैली में हिस्सा लिया है। मैं उन्हें विशेष रूप से बधाई देता हूं।”
गौरतलब है कि इस शिविर में देशभर से 2,406 NCC कैडेट्स शामिल हुए, जिनमें 898 बालिका कैडेट्स थीं। यह आंकड़ा महिला सशक्तिकरण की दिशा में NCC की भूमिका को दर्शाता है।
NCC गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भारत के साथ-साथ 20 से अधिक मित्र देशों के कैडेट्स और अधिकारियों ने भी भाग लिया। इनमें भूटान, श्रीलंका, नेपाल, ब्राजील और मलेशिया जैसे देशों के 200 से अधिक कैडेट्स शामिल रहे। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता और युवा कूटनीति का मजबूत उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में NCC द्वारा चलाए गए विभिन्न अभियानों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
वीर सागर यात्रा के जरिए देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया गया।
अंडमान-निकोबार के द्वीपों को परमवीर चक्र विजेताओं के नाम समर्पित करने की भावना को NCC ने आगे बढ़ाया।
लक्षद्वीप में द्वीप उत्सव के जरिए संस्कृति, समुद्र और प्रकृति का उत्सव मनाया गया।
उन्होंने कहा कि NCC ने
“इतिहास को केवल स्मारकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे युवाओं के दिलों में जीवंत किया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि
“लाल किले से मैंने कहा था— यही सही समय है। आज का समय युवाओं के लिए अवसरों से भरा है।”
उन्होंने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लाखों युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, ब्रिटेन और यूएई जैसे देशों के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
NCC पीएम रैली न केवल अनुशासित युवाओं का उत्सव बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारत का भविष्य उसके कर्तव्यनिष्ठ और जागरूक युवाओं के हाथों में सुरक्षित है। अजित पवार को दी गई श्रद्धांजलि से लेकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य तक, प्रधानमंत्री का संबोधन भावनात्मक, प्रेरणादायक और दूरदर्शी नजर आया।
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