जयपुर | राजस्थान विधानसभा में आज पेश किया गया बजट 2026-27 प्रदेश के विकास इतिहास में एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इस बजट ने साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस, AI-आधारित सेवाओं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।
आज सदन में बजट पेश होते ही सत्ता पक्ष की सीटों पर उत्साह और विपक्ष की ओर से गंभीर मंथन का माहौल देखने को मिला। बजट दस्तावेज़ सौंपे जाने से लेकर सदन में चर्चा तक, पूरा दृश्य इस बात का संकेत था कि सरकार ने इस बार लंबी अवधि की रणनीति के साथ वित्तीय रोडमैप तैयार किया है।
राजस्थान बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की धुरी घोषित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि मजबूत सड़कें, सुरक्षित पुल और निर्बाध कनेक्टिविटी ही आर्थिक प्रगति की नींव हैं।
बजट के अनुसार:
42,000 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा
इनमें 16,430 किलोमीटर नई सड़कें शामिल होंगी
15 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाएंगे
1800 करोड़ रुपये नए ब्रिज और सड़कों पर खर्च होंगे
1400 करोड़ रुपये नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए
600 करोड़ रुपये मिसिंग लिंक सड़कों को जोड़ने हेतु
500 करोड़ रुपये बारिश से खराब सड़कों की मरम्मत के लिए
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण-शहरी दूरी कम होगी, ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
इस बजट की सबसे चर्चित और क्रांतिकारी घोषणा रही —
ई-मित्र सेवाओं को सीधे WhatsApp पर लाना
अब नागरिकों को:
सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना होगा
अलग-अलग पोर्टल याद रखने की जरूरत नहीं होगी
बस ई-मित्र के आधिकारिक WhatsApp नंबर पर “Hi” लिखिए, और:
AI आधारित चैटबॉट सक्रिय हो जाएगा
हिंदी, अंग्रेजी और राजस्थानी भाषा में संवाद करेगा
वॉयस कमांड से भी काम होगा
शुरुआती चरण में WhatsApp के जरिए ये सेवाएं उपलब्ध होंगी:
जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र
जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र
बिजली-पानी बिल भुगतान
मोबाइल रिचार्ज
आवेदन की स्थिति ट्रैकिंग
सरकारी योजनाओं की जानकारी
सरकार ने ऐलान किया है कि जल्द ही 100 से अधिक सेवाएं जोड़ी जाएंगी, जिनमें:
राशन कार्ड
पेंशन
छात्रवृत्ति
भूमि रिकॉर्ड
सब्सिडी योजनाएं शामिल होंगी
डिजिटल बजट का असली लाभ सुदूर गांवों, बुजुर्गों और तकनीक से कम परिचित लोगों को मिलेगा। अब:
एजेंटों पर निर्भरता खत्म होगी
शहर आने का खर्च बचेगा
सरकारी सेवाएं घर बैठे मिलेंगी
यह व्यवस्था ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सरकार ने बताया कि इस बजट में:
3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया है
यह अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है
प्राथमिकता: सड़क, पेयजल, डिजिटल सिस्टम और शहरी विकास
बजट पेश होने के दौरान सदन में अनुशासन, गंभीरता और रणनीतिक सोच साफ दिखाई दी। सत्ता पक्ष ने इसे भविष्य का बजट बताया, जबकि विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाने के संकेत दिए।
बजट फाइल सौंपने, सदन में प्रस्तुति और बाद की बैठकों की तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि राज्य की दिशा तय करने वाला विजन डॉक्यूमेंट है।
सरकार का कहना है कि यह बजट:
रोजगार पैदा करेगा
भ्रष्टाचार घटाएगा
डिजिटल ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएगा
राजस्थान को नेशनल डिजिटल लीडर बनाएगा
Rajasthan Budget 2026-27 केवल सालाना आय-व्यय का ब्योरा नहीं है, बल्कि यह सड़क से स्क्रीन तक राजस्थान को बदलने की ठोस योजना है।
जहां एक ओर हजारों किलोमीटर सड़कें प्रदेश को जोड़ेंगी, वहीं दूसरी ओर WhatsApp सरकार आम आदमी को सशक्त बनाएगी।
अगर योजनाएं जमीन पर उसी रफ्तार से उतरीं, जैसी घोषणा हुई है, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान डिजिटल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन सकता है।
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