इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक और सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। प्रतिबंधित संगठन Baloch Liberation Army (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सेना के कई जवानों को बंदी बना रखा है। संगठन के मीडिया विंग ‘हक्काल’ द्वारा जारी वीडियो में कथित तौर पर 7 से 8 पाकिस्तानी सैनिक घुटनों के बल बैठे नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे हथियारबंद लड़ाके खड़े दिखाई देते हैं।
वीडियो में एक सैनिक कैमरे पर रोते हुए कहता है, “हम पाकिस्तान के लिए लड़ते रहे, लेकिन आज सेना हमें अपना मानने से इनकार कर रही है।” वह अपना सेना का पहचान पत्र दिखाते हुए सवाल करता है कि अगर वह पाकिस्तानी सैनिक नहीं है, तो यह आईडी कार्ड किसने जारी किया?
BLA ने दावा किया है कि इन सैनिकों को 14 फरवरी को पकड़ा गया था। संगठन ने पाकिस्तान सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि 22 फरवरी तक कैदियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत शुरू नहीं होती, तो बंदी बनाए गए सैनिकों को फांसी देने की धमकी दी गई है।
वीडियो में BLA के लड़ाके बंदी सैनिकों से पूछते हैं कि जब सरकार उन्हें अपना मानने से इनकार कर रही है, तो वे खुद को पाकिस्तानी सैनिक कैसे साबित करेंगे। इसके जवाब में सैनिक अपने सर्विस कार्ड और दस्तावेज दिखाते हुए गुहार लगाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने दावा किया है कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में है। सेना के इस बयान और वीडियो के दावों के बीच विरोधाभास ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
Baloch Liberation Army (BLA) बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग को लेकर सक्रिय संगठन है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी। कई देशों ने इसे आतंकी संगठन घोषित किया है।
BLA का आरोप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा। संगठन अक्सर पाकिस्तानी सेना, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाता रहा है।
Balochistan पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत माना जाता है। खनिज संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। अफगानिस्तान और ईरान से सटी सीमा के कारण यह इलाका रणनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है।
पिछले कुछ वर्षों में यहां अलगाववादी हिंसा और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें तेज हुई हैं। विदेशी कंपनियों और अन्य प्रांतों से आए मजदूर भी कई बार हमलों का शिकार बने हैं।
Global Terrorism Index 2025 के अनुसार, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है। 2024 में यह चौथे स्थान पर था।
रिपोर्ट के मुताबिक:
Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) के हमलों में 90% की वृद्धि दर्ज की गई।
BLA के हमलों में 60% इजाफा हुआ।
Islamic State – Khorasan Province (IS-K) ने भी अब बड़े शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान कुल आतंकी घटनाओं के 90% मामलों के केंद्र बने हुए हैं।
BLA द्वारा जारी यह वीडियो पाकिस्तान सरकार और सेना के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर वीडियो असली है, तो यह न केवल सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक है, बल्कि सैनिकों के मनोबल पर भी गहरा असर डाल सकता है। वहीं, अगर यह प्रचार युद्ध (प्रोपेगेंडा) का हिस्सा है, तो इसका मकसद सरकार पर दबाव बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को कमजोर करना हो सकता है।
22 फरवरी की समयसीमा नजदीक आते ही इस्लामाबाद की नजरें बलूचिस्तान पर टिकी होंगी। अब देखना यह है कि सरकार बातचीत का रास्ता चुनती है या सख्त कार्रवाई का।
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