दौसा। राजस्थान विधानसभा में विश्वकर्मा जयंती को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठी है। महवा विधायक राजेंद्र मीना ने सदन में विशेष उल्लेख प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए भगवान विश्वकर्मा जयंती (माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी) पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग की।
विधायक ने कहा कि यह केवल एक समाज की नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों कारीगरों, शिल्पकारों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
राजेंद्र मीना ने सदन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का दिव्य शिल्पकार माना जाता है। देशभर में इंजीनियर, कारीगर, निर्माण कार्य से जुड़े लोग, औद्योगिक प्रतिष्ठान और शिल्पकार वर्ग श्रद्धा, हवन-पूजन और उत्सव के साथ उनकी जयंती मनाते हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य महापुरुषों एवं समाजों की जयंती पर राज्य सरकार द्वारा राजकीय अवकाश घोषित किए गए हैं, तो विश्वकर्मा जयंती पर भी समान सम्मान दिया जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि जांगिड़ ब्राह्मण समाज सहित समस्त शिल्पकार वर्ग की यह न्यायोचित और सम्मानजनक मांग है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस विषय को सकारात्मक रूप से लेते हुए राजकीय अवकाश की घोषणा की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए।
राजेंद्र मीना ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार समाज की भावनाओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी। अब इस मांग पर सरकार का रुख क्या रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो प्रदेश में विश्वकर्मा जयंती पर आधिकारिक अवकाश घोषित किया जा सकता है।
विश्वकर्मा जयंती पर राजकीय अवकाश की मांग ने राजस्थान की राजनीति और सामाजिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। यह मुद्दा आस्था, परंपरा और जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेती है और क्या शिल्पकार समाज की यह मांग पूरी होती है।
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