राजस्थान: के सीकर जिले स्थित विश्वविख्यात खाटू श्याम जी मंदिर में चल रहे खाटू श्याम फाल्गुनी मेला 2026 के दूसरे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को बाबा श्याम का विशेष गुलाबी फूलों से श्रृंगार किया गया। दरबार को देश-विदेश से मंगाए गए 108 प्रकार के फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर सुगंध और रंगों की छटा से सराबोर हो गया।
मंदिर के मुख्य द्वार पर बनाया गया करीब 20 फीट ऊंचा डमरू श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जैसे ही भक्त मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, यह भव्य सजावट उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति से भर देती है।
मेले के दूसरे दिन सुबह से ही रींगस से खाटू तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। 14 लाइनों में व्यवस्थित होकर भक्त बाबा श्याम के दर्शन कर रहे हैं।
पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने श्वेत श्रृंगार छवि के दर्शन किए थे, वहीं रविवार को सप्ताहांत होने के कारण भीड़ और अधिक बढ़ गई। अनुमान है कि आज 2 से 3 लाख श्रद्धालु खाटू पहुंच सकते हैं। जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है।
इस बार बाबा श्याम का दरबार 108 प्रकार के फूलों से सजाया गया है। गुलाबी रंग के फूलों की विशेष सजावट ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया है। मंदिर परिसर को लाल और पीले कपड़ों से भी सजाया गया है, जो आस्था और उत्सव का प्रतीक बन गए हैं।
मुख्य द्वार पर निर्मित 20 फीट ऊंचा डमरू शिवभक्ति और श्याम भक्ति के संगम का प्रतीक है। इसके अलावा दरबार में भगवान श्रीकृष्ण की करीब 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें वे बांसुरी बजाते हुए दर्शाए गए हैं। हरे, लाल और नीले रंग के मोतियों से सजे मुकुट और गले में वैजयंती माला उनकी शोभा बढ़ा रही है।
राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु निशान लेकर खाटू पहुंच रहे हैं। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ पैदल यात्रा करते भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है।
रींगस-खाटू पदयात्रा मार्ग पर जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए हैं। मेला जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है, इनकी संख्या 500 से अधिक होने की संभावना है।
प्रशासन के अनुसार इस बार फाल्गुनी मेला आठ दिनों तक चलेगा। हर दिन बाबा श्याम का अलग-अलग फूलों और थीम के साथ श्रृंगार किया जाएगा। सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद से देर रात तक दर्शन की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जल व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मेले में केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना भी देखने को मिलती है। कई सामाजिक संगठन और श्रद्धालु स्वयंसेवक भंडारे, जल सेवा और चिकित्सा शिविर चला रहे हैं।
भक्तों का कहना है कि खाटू में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है। बाबा श्याम के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है।
इस बार दरबार में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति भी स्थापित की गई है। इससे मेले का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। श्रद्धालु श्याम बाबा के साथ-साथ शिव भक्ति का भी अनुभव कर पा रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त पुलिस बल और मेडिकल टीम तैनात की गई है। यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
खाटू श्याम फाल्गुनी मेला 2026 के दूसरे दिन 108 तरह के फूलों से सजा दरबार और 20 फीट ऊंचा डमरू श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। देशभर से उमड़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है कि बाबा श्याम के प्रति आस्था दिनों-दिन बढ़ रही है।
भक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का यह संगम आने वाले दिनों में और भी भव्य रूप लेगा।
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