उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के कोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक आक्रामक बंदर ने अचानक वकीलों और आम लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते बंदर ने कोर्ट रूम के बाहर उत्पात मचाना शुरू कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक कोर्ट परिसर में दहशत का माहौल बना रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किसी व्यक्ति के साथ कोर्ट आए इस बंदर ने अचानक अपना आपा खो दिया। उसने वहां मौजूद 2 से 3 अधिवक्ताओं पर हमला कर उन्हें काट लिया, जिससे वे घायल हो गए। हमले के दौरान बंदर ने वकीलों की टेबल पर रखी महत्वपूर्ण कानूनी फाइलें और दस्तावेज भी फाड़ डाले।
बंदर के हमले से बचने के लिए कोर्ट परिसर में मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए कोर्ट का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू टीम के सदस्य धर्मेंद्र ने बताया कि बंदर बेहद आक्रामक था और किसी को पास नहीं आने दे रहा था।
रेस्क्यू टीम को बंदर को पकड़ने में करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार जाल की मदद से उसे पकड़कर पिंजरे में बंद किया गया। बंदर के काबू में आते ही कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि यह बंदर पिछले कुछ दिनों से शहर के तीन से चार अलग-अलग इलाकों में लोगों पर हमला कर चुका था। जिला कलेक्टर और नगर निगम के निर्देश पर रेस्क्यू टीम इसकी तलाश में लगी हुई थी।
वाइल्ड लाइफ रेस्क्यूअर धर्मेंद्र ने बताया,
“हमें इस बंदर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आज कोर्ट परिसर में वकीलों पर हमला करने के बाद इसे रेस्क्यू कर लिया गया है। अब इसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।”
उदयपुर कोर्ट की इस घटना ने एक बार फिर शहर में वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। समय रहते रेस्क्यू टीम की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन ऐसी घटनाएं प्रशासन और आमजन दोनों के लिए चेतावनी हैं कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी जरूरी है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.