उत्तर पश्चिम: रेलवे के जोधपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और टीमवर्क का परचम लहराते हुए पूरे जोन में पहला स्थान हासिल किया है। जयपुर में आयोजित 70वें विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में जोधपुर मंडल ने ‘जनरल मैनेजर ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड’ जीतकर इतिहास रच दिया। यह शील्ड उत्तर पश्चिम रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में गिनी जाती है।
जोधपुर मंडल ने केवल ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड ही नहीं, बल्कि विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक श्रेणियों में कुल 8 शील्ड अपने नाम कीं। यह संख्या जोन के किसी भी मंडल द्वारा जीती गई सर्वाधिक शील्ड है, जिससे जोधपुर मंडल निर्विवाद रूप से जोन का टॉपर बन गया।
शुक्रवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित समारोह में उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी को यह प्रतिष्ठित शील्ड प्रदान की। समारोह में उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर जोधपुर मंडल के 14 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी समारोह में शामिल हुए।
जोधपुर मंडल की सफलता में कई विभागों का अहम योगदान रहा। डीआरएम की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों ने अपनी-अपनी शील्ड प्राप्त की—
वाणिज्य शील्ड: वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव
सर्वश्रेष्ठ गति शक्ति यूनिट शील्ड: मुख्य परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार एवं उप मुख्य अभियंता प्रवेन्द्र सिंह
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शील्ड: नीतीश कुमार, महेंद्र मीणा और मनोहर सिंह
मैकेनिकल (कैरिज एवं वैगन) शील्ड: मेजर अमित स्वामी
सिग्नल एवं टेलीकॉम शील्ड: अनुपम कुमार
पर्यावरण एवं स्वच्छता शील्ड: जोधपुर वर्कशॉप के मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा
समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक अमिताभ ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि वर्ष 2026 में उत्तर पश्चिम रेलवे ‘52 सप्ताह-52 सुधार’ अभियान चलाएगा। इसके तहत ग्राहक सेवा, रख-रखाव, गुणवत्ता प्रबंधन, उत्पादन और परिचालन में हर सप्ताह एक नया सुधार लागू किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता में जहां जोधपुर मंडल अव्वल रहा, वहीं अजमेर मंडल को रनर-अप शील्ड से संतोष करना पड़ा। सीपीआरओ शशि किरण ने बताया कि समारोह में उन पांच रेलकर्मियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्हें हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया था।
जयपुर में मिली इस ऐतिहासिक सफलता के बाद शनिवार सुबह जोधपुर लौटे डीआरएम अनुराग त्रिपाठी और उनकी टीम का रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ और एनडब्ल्यूआरईयू के पदाधिकारियों ने पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। स्टेशन पर खानपान यूनिट संचालकों ने भी अभिनंदन किया। डीआरएम को 51 किलो का पुष्पहार पहनाया गया।
स्वागत समारोह में डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कहा—
“यह सम्मान किसी एक अधिकारी का नहीं, बल्कि ट्रैक, सिग्नल, ट्रेन, फील्ड और वर्कशॉप में काम करने वाले हर कर्मचारी की मेहनत का परिणाम है। रेलवे में एक भी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए यह शील्ड हमारी सामूहिक सतर्कता और दक्षता का प्रमाण है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले वर्ष जोधपुर मंडल इससे भी बेहतर प्रदर्शन दोहराएगा और पूरे सप्ताह को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे में जोधपुर मंडल की यह ऐतिहासिक जीत न केवल प्रशासनिक और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि हजारों रेलकर्मियों की मेहनत और समर्पण का सम्मान भी है। ‘जीएम ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड’ के साथ जोधपुर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह जोन का सबसे मजबूत और सक्षम मंडल है।
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