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हिजाब विवाद: “इम्तिहान नहीं, इज्जत का सवाल”, रीट परीक्षा छोड़ने वाली अलीशा बोली– मेरे लिए अपमानजनक था

कोटा। रीट मेन्स लेवल-2 परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने को लेकर कोटा में सामने आया मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी को हिजाब उतारने के लिए कहे जाने के बाद परीक्षा छोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद प्रशासन और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

यह मामला कोटा के महावीर नगर एक्सटेंशन स्थित तिलक स्कूल परीक्षा केंद्र का है। बूंदी जिले की रहने वाली अभ्यर्थी अलीशा 18 जनवरी को रीट मेन्स लेवल-2 परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंची थी। अलीशा का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर उसे हिजाब उतारने के लिए कहा गया, जिसे उसने अपने आत्मसम्मान के खिलाफ बताते हुए परीक्षा छोड़ने का फैसला किया।

अलीशा ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर महिला सुरक्षाकर्मियों ने उसकी पूरी तलाशी ली। हिजाब खोलकर जांच की गई, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अलीशा ने भावुक होते हुए कहा कि सैकड़ों छात्रों के सामने सिर खोलकर परीक्षा देना उसके लिए अपमानजनक था।

अलीशा का कहना है कि उसके प्रवेश पत्र पर भी हिजाब पहने हुए फोटो लगी हुई है। इससे पहले वह राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित कई परीक्षाएं हिजाब पहनकर दे चुकी है, जहां कभी कोई आपत्ति नहीं की गई। ऐसे में इस बार अलग नियम लागू करना उसे समझ से परे लग रहा है।

अभ्यर्थी का आरोप है कि बोर्ड की लिखित गाइडलाइंस में साफ तौर पर दुपट्टा या चुन्नी पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई है, लेकिन परीक्षा केंद्र पर लिखित नियमों को नजरअंदाज कर मौखिक आदेश थोपे गए। अलीशा ने बताया कि उसने दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक केंद्र प्रभारी से अनुरोध किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया।

अलीशा बूंदी जिले के सावतगढ़, हिंडोली क्षेत्र की रहने वाली है और परीक्षा देने अपने पिता बरकतुल्ला खान के साथ कोटा पहुंची थी। परीक्षा दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक थी। अलीशा का कहना है कि महीनों की तैयारी, मेहनत और सपने एक ही पल में टूट गए।

अलीशा ने सवाल उठाया कि जब पहले वही बोर्ड, वही नियम और वही प्रक्रिया हिजाब के साथ स्वीकार्य थी, तो इस बार अलग व्यवहार क्यों किया गया। इस पूरे मामले ने परीक्षा केंद्रों पर नियमों की एकरूपता और अभ्यर्थियों के सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


निष्कर्ष:

रीट परीक्षा में हिजाब को लेकर उठा विवाद अब केवल एक अभ्यर्थी की परीक्षा छूटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लिखित नियमों, मौखिक आदेशों और अभ्यर्थियों के आत्मसम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और परीक्षा बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में संबंधित विभाग क्या स्पष्टीकरण और कार्रवाई करता है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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