मुंबई: के भांडुप रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की एक बस ने 13 पैदल यात्रियों को कुचल दिया, जिसमें 3 महिलाओं समेत 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मुंबई पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब 9:35 बजे हुआ, जब BEST की बस स्टेशन रोड पर रिवर्स करते समय बेकाबू हो गई और सड़क व फुटपाथ पर चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद बस चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बस ने सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे को भी टक्कर मार दी, जिससे खंभा गिर गया और कुछ लोग खंभे व बैनर-पोस्टरों के नीचे दब गए। घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े दिखाई दिए।
घायलों को एम्बुलेंस की मदद से राजावाड़ी और एम.टी. अग्रवाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट सैमिनी मुदलियार ने बताया कि वह बस स्टॉप पर खड़ी थीं तभी तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी।
उन्होंने कहा—
“अगले ही पल लोगों को बस से टकराकर उछलते देखा। कई लोग बस के नीचे फंसे थे। चारों तरफ खून फैला हुआ था। एक व्यक्ति का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, जैसे बस उसके ऊपर से गुजर गई हो।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फुटपाथ पर ठेलेवालों के अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है। यह इलाका हमेशा भीड़भाड़ वाला रहता है और सस्ती सब्जियों के कारण यहां लोगों की संख्या अधिक रहती है। भारी भीड़ के चलते बसों को यू-टर्न और रिवर्स करने में दिक्कत होती है।
डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि बस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। बस की मैकेनिकल और तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
हादसे में शामिल बस ऑलेक्ट्रा ग्रीनटेक कंपनी से वेट लीज मॉडल पर ली गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस BEST का ही चालक चला रहा था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
BEST के पास वर्तमान में लगभग 2700 से 3200 बसें हैं, जिनमें एसी, नॉन-एसी और इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। एक सीनियर सिविक अधिकारी ने बताया कि बसों की कमी के चलते घनी आबादी वाले इलाकों में मिनी बसें हटाकर मिडी बसें चलाई गई थीं, जबकि इन मार्गों पर टर्निंग रेडियस जैसी परिचालन दिक्कतें बनी रहती हैं।
भांडुप का यह हादसा मुंबई की भीड़भाड़, अव्यवस्थित ट्रैफिक और फुटपाथ अतिक्रमण की भयावह तस्वीर पेश करता है। BEST बसों की संचालन व्यवस्था, ड्राइवर प्रशिक्षण और स्टेशन इलाकों में यात्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासनिक लापरवाही और ट्रैफिक प्रबंधन की अनदेखी की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
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