घटना बांसवाड़ा जिले के बारी सियातलाई गांव की है, जहां बुधवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला नहर में कूद गई थी।
थाना प्रभारी बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि एक महिला नहर में कूद गई है। इसके बाद तुरंत थाने से पुलिस जाब्ता मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू टीम में—
कालिका टीम की महिला कॉन्स्टेबल गंगा डामोर
थाने से कॉन्स्टेबल दीपक लबाना
को शामिल किया गया।
पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचकर महिला को नहर से बाहर आने के लिए काफी समझाइश की गई, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। स्थिति को गंभीर देखते हुए महिला कॉन्स्टेबल गंगा डामोर ने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगा दी।
नहर में उतरते ही डूब रही महिला ने कॉन्स्टेबल को कसकर पकड़ लिया और उसे भी अपने साथ पानी में खींचने लगी। इसके बावजूद महिला कॉन्स्टेबल ने हिम्मत नहीं हारी और काफी संघर्ष के बाद महिला को काबू में किया।
महिला कॉन्स्टेबल गंगा डामोर किसी तरह महिला को खींचते हुए नहर के किनारे तक लाई। इसके बाद कॉन्स्टेबल दीपक लबाना ने दोनों का हाथ पकड़कर बाहर निकाला। समय रहते रेस्क्यू होने से महिला की जान बच गई।
कॉन्स्टेबल गंगा डामोर ने बताया—
“हम मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं थी। हालात देखकर मुझे नहर में कूदना पड़ा। आखिरकार उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।”
कॉन्स्टेबल दीपक लबाना ने कहा—
“मैडम ने पहले समझाइश की, लेकिन महिला नहीं मानी। इसके बाद मैडम ने छलांग लगाई। महिला उन्हें पानी में खींचने लगी, फिर भी मैडम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और महिला को किनारे तक ले आईं। मैंने दोनों को बाहर खींचा।”
इस साहसिक रेस्क्यू का वीडियो सामने आने के बाद पुलिसकर्मी की बहादुरी की सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग महिला कॉन्स्टेबल के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
बांसवाड़ा की इस घटना ने साबित कर दिया कि राजस्थान पुलिस की महिला कर्मी केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालतीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी भी बचाती हैं। लेडी कॉन्स्टेबल गंगा डामोर का यह साहसिक कदम समाज के लिए प्रेरणा है।
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