PACL Money Laundering Case: में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। ईडी ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PACL) और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंजाब के लुधियाना और राजस्थान के जयपुर में स्थित 37 अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच किया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 1986.48 करोड़ रुपए आंकी गई है।
ईडी ने सोमवार को इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की। यह एक्शन PACL Money Laundering Case में चल रही लंबी और गहन जांच का हिस्सा है, जिसमें देश के लाखों निवेशकों के साथ किए गए विशाल वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, PACL ग्रुप ने खेती की जमीन की बिक्री और विकास के नाम पर देशभर में कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) चलाई। इस स्कीम के जरिए 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम आम लोगों से जुटाई गई थी।
हालांकि, जांच में सामने आया कि—
अधिकतर निवेशकों को न तो जमीन दी गई
न ही उनकी निवेश राशि लौटाई गई
करीब 48 हजार करोड़ रुपए का भुगतान अभी भी निवेशकों को नहीं मिला है
यह पूरा मामला अब PACL Money Laundering Case के रूप में देश के सबसे बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड में गिना जा रहा है।
सीबीआई और ईडी की जांच में सामने आया कि—
निवेशकों को कैश डाउन पेमेंट और इंस्टॉलमेंट प्लान का लालच दिया गया
एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेजों पर गुमराह कर हस्ताक्षर कराए गए
कई मामलों में कोई वास्तविक जमीन अस्तित्व में ही नहीं थी
इस पूरे फ्रॉड को छिपाने के लिए फ्रंट कंपनियों, रिवर्स सेल ट्रांजैक्शन और जटिल वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
PACL Money Laundering Case की जांच में यह भी सामने आया कि—
निवेशकों से जुटाए गए फंड को कई रिलेटेड और अन-रिलेटेड एंटिटीज में घुमाया गया
अंत में यह पैसा निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों के खातों में पहुंचा
इसी अवैध धन से भारत और विदेश में महंगी अचल संपत्तियां खरीदी गईं
जांच के दौरान ईडी ने खुलासा किया कि—
स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर
बेटियां बरिंदर कौर और सुखविंदर कौर
दामाद गुरप्रताप सिंह
सहयोगी प्रतीक कुमार
के खिलाफ ओपन-एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए गए हैं।
2014: CBI ने दिल्ली में FIR दर्ज की
2016: ED ने ECIR दर्ज की
2018: पहली प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट फाइल
2022 और 2025: दो सप्लीमेंट्री प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट दाखिल
स्पेशल PMLA कोर्ट ने सभी शिकायतों पर संज्ञान लिया
यह पूरा मामला PACL Money Laundering Case को और मजबूत बनाता है।
ईडी के अनुसार—
अब तक ₹7,589 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच
इसमें भारत और विदेश दोनों जगह की प्रॉपर्टी शामिल
ताजा कार्रवाई में 37 प्रॉपर्टी (₹1986 करोड़) जोड़ी गईं
ईडी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी संपत्तियों पर कार्रवाई हो सकती है।
PACL Money Laundering Case देश के सबसे बड़े और जटिल वित्तीय घोटालों में से एक है। लाखों निवेशकों की मेहनत की कमाई को जिस तरह जमीन और निवेश के नाम पर ठगा गया, उस पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। ईडी की यह कार्रवाई न सिर्फ घोटालेबाजों के लिए चेतावनी है, बल्कि पीड़ित निवेशकों के लिए न्याय की उम्मीद भी जगाती है।
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