नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की औपचारिक शुरुआत हो गई। सरकार की ओर से इस अहम बहस की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने की। जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक तापमान भी चढ़ता जा रहा है।
लोकसभा में आज की चर्चा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी दोपहर करीब 2 बजे सदन को संबोधित करेंगे। उनके भाषण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कुल 18 घंटे की चर्चा तय की गई है, जिसे तीन दिनों में पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि:
एनडीए को लगभग 55% समय मिलेगा
आज भाजपा की ओर से 4–5 सांसद बोलेंगे
कुल मिलाकर आज 5–6 वक्ता अपनी बात रखेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में इस चर्चा का जवाब 4 फरवरी, जबकि राज्यसभा में 5 फरवरी को देंगे।
राज्यसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा आज दोपहर 2 बजे से शुरू होगी।
भाजपा की ओर से शुरुआत सदानंद मास्टर करेंगे
इसके बाद मेघा विश्राम कुलकर्णी अपनी बात रखेंगी
जेपी नड्डा, सुधांशु त्रिवेदी समेत कई वरिष्ठ नेता चर्चा में भाग लेंगे
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में नौवां केंद्रीय बजट पेश किया था। इसके बाद से ही बजट को लेकर सत्ता पक्ष उपलब्धियां गिना रहा है, जबकि विपक्ष इसे आम जनता विरोधी बता रहा है।
आरजेडी सांसद मीसा भारती ने कहा कि “बजट में बिहार को कुछ नहीं मिला, विशेष राज्य का दर्जा भी नहीं दिया गया।”
केरल के विपक्षी सांसदों ने इसे “केरल विरोधी बजट” करार देते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
सपा सांसद राम गोपाल यादव बोले—
“यह बजट आम आदमी के लिए नहीं, कुछ खास लोगों के लिए है।”
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि “जब दुनिया भारत की ओर देख रही थी, तब सरकार ने बड़ा मौका गंवा दिया।”
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा—
“अगर राहुल गांधी से नॉमिनल GDP पूछ लिया जाए तो वे हाथ खड़ा कर देंगे। यह बजट देश के भविष्य की उत्पादन श्रृंखला तैयार करने वाला बजट है।”
संसद सत्र के बीच मंगलवार सुबह 9:30 बजे एनडीए सांसदों की अहम बैठक होगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस बैठक के जरिए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब से पहले एनडीए की रणनीति स्पष्ट करेंगे।
कुल अवधि: 65 दिन
कुल बैठकें: 30
सत्र का समापन: 2 अप्रैल
अवकाश: 13 फरवरी से 9 मार्च
इस दौरान स्थायी समितियां मंत्रालयों की अनुदान मांगों की समीक्षा करेंगी
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के साथ ही संसद का बजट सत्र पूरी तरह राजनीतिक रंग में आ गया है। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को गिना रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष बजट और नीतियों पर तीखे सवाल खड़े कर रहा है।
अब सबकी निगाहें राहुल गांधी के भाषण और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों की सियासी दिशा तय कर सकते हैं।
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