जयपुर। खैरथल–तिजारा जिले में एक डिजिटल पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर इंडियन मीडिया काउन्सिल ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री को औपचारिक शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार को परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) के आयुक्त राकेश शर्मा से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा। आयुक्त ने मामले को गंभीर बताते हुए विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिषद ने शिकायत की प्रतिलिपि Press Council of India तथा खैरथल–तिजारा के जिला कलेक्टर को भी प्रेषित की है।
शिकायत के अनुसार, ब्लैक एंड व्हाइट डिजिटल चैनल से जुड़े पत्रकार महेंद्र यादव प्रशासनिक गतिविधियों की कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान जिला जनसंपर्क कार्यालय के पीआरओ अतर सिंह पर उनके साथ कथित रूप से असहयोगात्मक और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
परिषद का कहना है कि पत्रकार समाचार संकलन का अपना दायित्व निभा रहे थे, लेकिन उन्हें सहयोग के बजाय प्रतिकूल व्यवहार का सामना करना पड़ा।
इंडियन मीडिया काउन्सिल ने अपने ज्ञापन में कहा कि आज के दौर में डिजिटल मीडिया सूचना प्रसार का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम बन चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खबरें तेजी से आमजन तक पहुंच रही हैं।
ऐसे में डिजिटल पत्रकारों के साथ सम्मानजनक, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना बेहद आवश्यक है। परिषद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारों के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि सूचना के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रवाह में भी बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।
परिषद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि:
मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए
दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए
राज्य के सभी जिला जनसंपर्क अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं
डिजिटल और प्रिंट मीडिया के साथ समान और समन्वयपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए
परिषद ने यह भी कहा कि मीडिया और प्रशासन के बीच संवाद और पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अनिवार्य है।
इस दौरान भारतीय पत्रकार संघ के अध्यक्ष अभय जोशी और प्रदेश महासचिव रतिराम गुर्जर भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
खैरथल–तिजारा का यह मामला अब राज्य स्तर पर गंभीर चर्चा का विषय बन चुका है। इंडियन मीडिया काउन्सिल की सक्रियता के बाद प्रशासन पर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और संबंधित विभाग इस प्रकरण में कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कदम उठाते हैं। यदि समयबद्ध कार्रवाई होती है, तो इससे मीडिया और प्रशासन के बीच विश्वास और सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है।
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