नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगने वाला है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। सोमवार को पार्टी मुख्यालय में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।
नामांकन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव अधिकारी को नितिन नबीन के समर्थन में प्रस्ताव पत्र जमा कराए। इन नेताओं की मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह नितिन नबीन के पक्ष में खड़ा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगर तय समय तक कोई दूसरा नामांकन दाखिल नहीं होता है, तो नितिन नबीन को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार—
शाम 4 से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी
शाम 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय तय है
यदि एक ही नामांकन वैध पाया गया, तो मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, अगर कोई और उम्मीदवार मैदान में उतरता है, तो 20 जनवरी को वोटिंग कराई जाएगी।
इस बीच नितिन नबीन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“केंद्रीय नेतृत्व को अच्छे से पहचान है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम है। हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने सही हीरा चुन लिया है। नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है और आज उन्हें उसी मेहनत का फल मिला है।”
भाजपा ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। अब महज एक महीने के भीतर उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया है।
अगर नितिन नबीन निर्विरोध चुने जाते हैं, तो वे
भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल होंगे
बिहार से आने वाले प्रमुख चेहरों में गिने जाएंगे
अब तक 5 बार विधायक रह चुके हैं
नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल में भाजपा के सामने 11 अहम विधानसभा और लोकसभा से जुड़े चुनाव होंगे। ऐसे में नितिन नबीन की भूमिका संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
भाजपा में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की परंपरा हाल के महीनों में देखने को मिली है।
जुलाई में हेमंत खंडेलवाल को मध्य प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुना गया
दिसंबर में पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया
जनवरी में आदित्य साहू को झारखंड भाजपा की कमान सौंपी गई
इन तीनों राज्यों में किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद करती है, जिसमें करीब 5,708 सदस्य होते हैं। इसमें देशभर के 30 से अधिक राज्यों से आए राष्ट्रीय और राज्य परिषद सदस्य शामिल रहते हैं। हालांकि, अगर सिर्फ एक नामांकन होता है, तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ती।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में नितिन नबीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। शीर्ष नेतृत्व का खुला समर्थन, संगठन में मजबूत पकड़ और हालिया नियुक्तियां यह संकेत देती हैं कि पार्टी अब युवा नेतृत्व पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। आने वाले महीनों में होने वाले अहम चुनावों में नितिन नबीन की भूमिका भाजपा की दिशा और दशा तय करेगी।
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